घूसखोर मनीष श्रीवास्तव (तत्कालीन प्रभारी रेंजर खोड़री, मरवाही) गिरफ्तार: ₹50 हजार लेते रंगे हाथ पकड़ा

भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसीबी बिलासपुर ने गुरुवार को बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही रेंज में पदस्थ रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव को ₹50,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायत के आधार पर कार्रवाई एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह के अनुसार, लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दिसंबर 2025 में वायरल हुई एक रील के मामले में वन विभाग द्वारा उसके वाहन को जब्त किया गया था और उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि प्रकरण में जल्द चालान पेश करने और जब्त वाहन वापस करने के एवज में डिप्टी रेंजर द्वारा 70 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई। साथ ही, पूरा मामला निपटाने के लिए 4–5 लाख रुपए खर्च होने की बात कही गई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। गुरुवार को शिकायतकर्ता को कोटा स्थित “मित्र मिलन रेस्टोरेंट” में रिश्वत की पहली किस्त ₹50,000 देने भेजा गया। जैसे ही डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव ने रकम ली, एसीबी टीम ने उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया।कार्रवाई के दौरान रेंजर पल्लव नायक भी मौके पर मौजूद पाए गए और उनके द्वारा भी रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस एसीबी ने मनीष श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 तथा पल्लव नायक के खिलाफ धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। लगातार कार्रवाई से मचा हड़कंप एसीबी बिलासपुर द्वारा पिछले दो वर्षों में यह 45वीं ट्रैप कार्रवाई है। लगातार हो रही कार्रवाइयों से सरकारी विभागों में हड़कंप की स्थिति है। एसीबी की अपील एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी शासकीय कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें, ताकि ऐसे भ्रष्ट तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
















