
संगठन सृजन में जुटी कांग्रेस: बूथ से पंचायत तक पकड़ मजबूत करने का बिगुल, कार्यकर्ताओं को दी गई सख्त जिम्मेदारी
गौरेला में बड़ा शक्ति प्रदर्शन, संगठन विस्तार और मजबूती पर नेताओं का जोर
गौरेला (जीपीएम)।कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने के लिए आयोजित “संगठन सृजन कार्यक्रम” में आज राजनीतिक सक्रियता और रणनीतिक तैयारी का स्पष्ट संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम में जिला जीपीएम के प्रभारी एवं बिलासपुर शहर के पूर्व विधायक शैलेश पांडे की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में खास उत्साह भर दिया।


कार्यक्रम के दौरान संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने पर गंभीर चर्चा हुई। शैलेश पांडे ने अपने अनुभव साझा करते हुए साफ कहा कि चुनाव जीतने का रास्ता बूथ से होकर गुजरता है, इसलिए हर कार्यकर्ता को अपने-अपने बूथ में पकड़ मजबूत करनी होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सक्रियता बढ़ाने और जनता से सीधा जुड़ाव बनाए रखने की सख्त नसीहत दी।
वहीं, जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष गजमती भानु ने मंडल, वार्ड, बूथ और पंचायत अध्यक्षों की नियुक्ति प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि संगठन में जिम्मेदारी अब योग्यता और सक्रियता के आधार पर तय होगी। उन्होंने संकेत दिए कि निष्क्रिय पदाधिकारियों को किनारे किया जा सकता है।
कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बलबीर सिंह करसायल के नेतृत्व में किया गया, जिसमें गौरेला ब्लॉक के लगभग सभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। यह उपस्थिति खुद इस बात का संकेत थी कि संगठन अब चुनावी मोड में आ चुका है।
इस दौरान पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव, छाया विधायक गुलाब सिंह राज, ब्लॉक प्रभारी रमेश साहू, वरिष्ठ नेता शंकर लाल साहू, नफीस चाचा, पूर्व पार्षद संजय गुप्ता, पार्षद निलेश साहू, पूर्व मंडी अध्यक्ष श्रीकांत मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष अमोल पाठक, सुभाष मित्तल, कोषाध्यक्ष कुक्कू साठे, जिला महामंत्री बाला प्रसाद कश्यप, मुद्रिका सिंह सराती, पार्षद विक्रांत रोहिणी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मरवाही और पेंड्रा से आए नेताओं—पंकज तिवारी, बेचुराम अहीरेश, राकेश मसीह, कृष्णा पटेल, पवन केसरवानी सहित अन्य कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को जिला स्तरीय स्वरूप दे दिया।
कार्यक्रम का संचालन मंडल अध्यक्ष अमित कुमार सोनी ने किया, जिन्होंने पूरे आयोजन को संगठित और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया।
इस कार्यक्रम से कांग्रेस ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अब संगठन को सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाएगा। बूथ, वार्ड और पंचायत स्तर पर पकड़ बनाने के लिए रणनीति तैयार कर ली गई है—और अब कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय होगी।
















