
नियमों की खुलेआम हत्या या सुनियोजित खेल? केंदा स्कूल में तय तारीख से पहले पेपर कराकर मचा हड़कंप
बिलासपुर/कोटा।शिक्षा व्यवस्था की साख पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला कोटा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केंदा से सामने आया है। यहां कक्षा 11वीं गणित विषय का पेपर निर्धारित तिथि से पांच दिन पहले ही करा दिया गया। इस घटना ने पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग द्वारा जारी समय-सारणी में कक्षा 11वीं गणित परीक्षा 09 अप्रैल 2026 को निर्धारित थी, लेकिन केंदा स्कूल में यह परीक्षा 04 अप्रैल 2026 (शनिवार) को ही आयोजित कर ली गई। हैरानी की बात यह है कि उसी दिन विकासखंड के अन्य किसी भी स्कूल में यह परीक्षा नहीं हुई।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसके निर्देश पर निर्धारित तिथि से पहले परीक्षा कराई गई? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर पेपर लीक का मामला? यदि पेपर पहले ही हो गया, तो अन्य छात्रों के साथ यह सीधा अन्याय नहीं है?

मामले में प्राचार्य मटिल्ला मिंज ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि “यह बहुत बड़ी चूक हुई है।” वहीं, लेक्चरर सीआर मार्को ने सफाई देते हुए कहा कि “पेपर दोबारा करवा दिया जाएगा।” लेकिन सवाल यह उठता है कि इतनी गंभीर लापरवाही के बाद सिर्फ पुनः परीक्षा ही क्या पर्याप्त समाधान है?
इस घटना ने शिक्षा विभाग की निगरानी और नियंत्रण प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विभागीय आदेशों की खुलेआम अनदेखी, परीक्षा प्रक्रिया में लापरवाही और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जैसे गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।
अब नजरें जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे पर टिकी हैं। क्या वे इस मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे? क्या जिम्मेदार प्राचार्य और शिक्षकों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी या यह मामला भी दबा दिया जाएगा?
इधर, स्थानीय अभिभावकों और नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।















