एनएच सड़क निर्माण में प्राथमिक स्कूल किया गया क्षतिग्रस्त जिला प्रशासन की जानकारी के बावजूद स्थिति जस की तस

मिथलेश आयम, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (खबरो का राजा) : गौरेला विकासखंड के अंतर्गत बनझोरका स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय को राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के चौड़ीकरण कार्य के दौरान तोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण एजेंसी ने काम के दौरान स्कूल भवन को नुकसान पहुंचाया, जिसकी सूचना जिला प्रशासन तक भी पहुंच चुकी है, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक स्कूल की इमारत क्षतिग्रस्त होने के कारण बच्चों को फिलहाल पास ही स्थित मिडिल स्कूल भवन में अस्थायी व्यवस्था के तहत पढ़ाया जा रहा है। इससे दोनों स्तरों के बच्चों को एक ही कक्षाओं एवं सीमित संसाधनों में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
माता-पिता और स्कूल प्रबंधन का सवाल?
“आखिर कब तक प्राथमिक और मिडिल स्कूल के बच्चे एक साथ भीड़भाड़ में अध्ययन करेंगे?” स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर प्राथमिक विद्यालय का पुनर्निर्माण या वैकल्पिक सुरक्षित भवन उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि NH पर किसी भी निर्माण कार्य के दौरान मौजूदा शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान पहुँचाना नियमों के खिलाफ है और इसकी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी तय होनी चाहिए।
संस्था के प्रधान पाठक का बयान
संस्था के प्रधान पाठक ने बताया कि विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त होने की पूरी जानकारी उन्होंने लिखित रूप में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को दे दी है।“सड़क निर्माण के दौरान हमारे प्राथमिक विद्यालय को नुकसान पहुँचा है। इस संबंध में मैंने जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित रूप से अवगत करा दिया है। बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रही हैं। इसलिए प्राथमिक विद्यालय की मरम्मत या वैकल्पिक भवन की व्यवस्था जल्द से जल्द आवश्यक है।”
प्रधान पाठक ने आगे कहा कि फिलहाल मजबूरी में प्राथमिक और मिडिल दोनों स्कूल एक ही भवन में संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन यह व्यवस्था बच्चों के हित में बिल्कुल उचित नहीं है।
“इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए नज़र आए।
स्थिति की गंभीरता और विद्यालय को हुए नुकसान के बावजूद उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से परहेज़ किया। स्थानीय अभिभावकों और शिक्षकों का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित पहल न होने से परेशानी और बढ़ गई है।”
विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने बताया__”
“विद्यालय भवन से जुड़ा मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में है। कलेक्टर महोदय भी बीते दिनों स्थल निरीक्षण के लिए गए थे और स्थिति का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया है। कुछ जगह यह कहा जा रहा है कि स्कूल के लिए अलग से नई बिल्डिंग बन रही है, लेकिन ऐसा नहीं है—अभी तक किसी प्रकार का नया भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। फिलहाल प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को मिडिल स्कूल भवन में ही अस्थायी व्यवस्था के तहत पढ़ाया जा रहा है।”















