सातखण्ड स्थल बनेगा श्रद्धा का प्रमुख केंद्र, संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा – पवन पैकरा_(जिला पंचायत सदस्य)

सातखण्ड स्थल बनेगा श्रद्धा का प्रमुख केंद्र, संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा – पवन पैकरा_(जिला पंचायत सदस्य)
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 26 फरवरी 2026।जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 03 के अंतर्गत ग्राम पंचायत साल्हेघोरी के चिरहित्ती में आयोजित प्रथम वर्ष सातखण्ड मेले का शुभारंभ श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य पवन पैकरा ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मेले का उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत गौरेला के अध्यक्ष शिवनाथ बघेल, क्षेत्रीय जनपद सदस्य सुखराम सोनवानी, ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि धन सिंह बैगा, गौरेला मंडल महामंत्री घनश्याम राठौर, कोरजा से लखन सोनी, उपसरपंच सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सातखण्ड नाम के पीछे की आस्था
स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस स्थान पर एक विशाल पत्थर की चट्टान है, जो प्राकृतिक रूप से सात खंडों में विभाजित दिखाई देती है। इसी विशेष संरचना के कारण इस मेले का नाम सातखण्ड मेला पड़ा। चट्टान के एक खंड से लगभग 60 से 70 फीट अंदर जाने पर एक प्राचीन गुफा स्थित है, जहां प्राकृतिक रूप से पत्थरों में भगवान शंकर, गणेश जी, हनुमान जी, नाग देवता सहित अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप विद्यमान हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यह स्थान वर्षों से आध्यात्मिक ऊर्जा और आस्था का केंद्र रहा है।
सांस्कृतिक और धार्मिक संगम
मेले के दौरान पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और ग्रामीण संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। क्षेत्र के लोगों ने इसे अपनी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मुख्य अतिथि पवन पैकरा ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन न केवल समाज को जोड़ते हैं, बल्कि क्षेत्र की पहचान को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि सातखण्ड स्थल को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
क्षेत्र में बढ़ी उत्साह की लहर
मेले के प्रथम वर्ष आयोजन को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुफा में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
सातखण्ड मेले का यह पहला आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह मेला क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बनकर उभरेगा।















