तस्करों के मंसूबों पर फिरा पानी: पसान वन विभाग का ‘मिडनाइट ऑपरेशन’, 23 लाख की संपत्ति जब्त

मिथलेश आयम की रिपोर्ट, कटघोरा/पसान: जंगल के लुटेरे अब सावधान हो जाएं! कटघोरा वनमंडल के पसान परिक्षेत्र में वन विभाग ने आधी रात को वो सर्जिकल स्ट्राइक की है, जिससे लकड़ी माफियाओं के पसीने छूट गए हैं। ग्राम रामपुर (लैंगा परिसर) में अवैध साल लकड़ी की तस्करी कर रहे माफिया को विभाग ने ऐसा खदेड़ा कि वे लाखो का माल और अपना ट्रक बीच राह में छोड़कर दुम दबाकर भाग खड़े हुए।
आधी रात का ‘खदेड़ा’ और तस्करों की भागम-भाग
22 फरवरी 2026 की रात जब दुनिया सो रही थी, तब 12:30 मिनट मे मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम काल बनकर सड़कों पर उतरी थी। रात करीब 1:40 बजे, जब एक संदिग्ध ट्रक साल की कीमती लकड़ियों को ठिकाने लगाने की फिराक में था, तब वन अमले ने घेराबंदी शुरू की विभाग की मुस्तैदी देख तस्करों के हौसले पस्त हो गए। रामपुर-धवलपुर मार्ग पर खुद को चारों ओर से घिरता देख, ड्राइवर और उसके साथी ट्रक को लावारिस हालत में छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
जब्ती का लेखा-जोखा: लाखों का माल बरामद :-
वन विभाग ने मौके से न केवल बेशकीमती लकड़ी, बल्कि तस्करी में इस्तेमाल हो रहे भारी वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया है साल के लट्ठे: 15 नग (लगभग 6.50 घन मीटर), लकड़ी की कीमत: ₹3 लाख अनुमानित, जब्त ट्रक (MP17HH3677): ₹20 लाख अनुमानित, कुल जब्ती: ₹23 लाख,
कानूनी शिकंजा: नहीं बचेंगे अपराधी :-
वन विभाग ने केवल माल नहीं पकड़ा, बल्कि सख्त धाराओं का जाल भी बिछा दिया है। वाहन के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 52, 55, 42 (i)(ii) और छत्तीसगढ़ अभिवहन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। टीम की दहाड़ ने इस कार्रवाई को वनमंडलाधिकारी के निर्देश पर उप वनमंडलाधिकारी वन परिक्षेत्र अधिकारी पसान, मनीष सिंह, वनपाल ईश्वरदास मानिकपुरी, कौशल प्रसाद द्विवेदी और सुरक्षा श्रमिक भीमसेन की टीम ने अंजाम दिया। माफियाओ को साफ संदेश दिए है कटघोरा के जंगलों पर नजर डालने वालों का यही हश्र होगा। विभाग अब उन चेहरों की तलाश में है जो पर्दे के पीछे से इस काले कारोबार को अंजाम दे रहे थे।















