ग्राम पसान में किसकी अनुमति से टूटा स्कूल भवन? शिक्षा विभाग अनजान क्या सरपंच और ठेकेदार की मानमानी?

मिथलेश आयम, कोरबा/पसान (खबरों का राजा): कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पसान में सरपंच द्वारा शासकीय स्कूल भवन को कथित रूप से बिना किसी विभागीय आदेश के डिस्पोज कर देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरपंच ने बिना अनुमति स्कूल भवन को तुड़वाया और उसमें निकलने वाली सामग्री—टीन चादर, पाइप, कील, खिड़कियाँ आदि—बिना पंचनामा कार्रवाई के सीधे पंचायत भवन में ले जाया गया।ग्राम पंचायत में स्कूल भवन को बिना शिक्षा विभाग की अनुमति तोड़े जाने से विवाद गंभीर हो गया है।
ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन ने सवाल उठाया है कि आखिर किसकी अनुमति से सरकारी भवन को डिस्मैन्टल किया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) को इस संबंध में कोई पूर्व सूचना नहीं थी, जिससे पूरे प्रकरण पर संदेह और गहरा गया है।विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि भवन तोड़ने की न तो उन्हें जानकारी दी गई और न ही किसी प्रकार की मंजूरी मांगी गई।
उनका कहना है कि भवन को तोड़ने से मना भी किया गया था, लेकिन फिर भी अपने स्तर पर स्कूल भवन को ढहा दिया गया। वहीं एसएमसी अध्यक्ष ने भी स्पष्ट किया कि समिति को कोई लिखित या मौखिक सूचना नहीं दी गई। उनके अनुसार भवन में लगभग 38 सीटें, 8 पाइप और 6 खिड़कियाँ थीं, जिनका कोई औपचारिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया और बिना पंचनामा के समग्रीय पंचायत ले गए। इससे यह शक और मजबूत हो रहा है कि ठेकेदार ने सरपंच की मिलीभगत से मनमाने तरीके से भवन तोड़वाया।दूसरी ओर, सरपंच का कहना है कि भवन से निकली सभी सामग्रियों को पंचायत भवन में सुरक्षित रखा गया है। लेकिन बड़ा प्रश्न यह है कि बिना विभागीय आदेश, बिना उपयंत्री के मूल्यांकन, और बिना एसएमसी की स्वीकृति के किसी भी सरकारी भवन को कैसे तोड़ा जा सकता है। नियमों के अनुसार डिस्मैन्टल सामग्री की विधिवत नीलामी अनिवार्य है, जबकि इस मामले में कोई प्रक्रिया दिखाई नहीं दी। अब ग्रामीणों की नजर इस पर है कि शिक्षा विभाग एवं विभागीय अधिकारी इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं। फिलहाल ग्राम पंचायत पसान में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना है और सरपंच की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।















