LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

बस्तर और जनजातीय समाज के लिए चार दशक का समर्पण मानवता की असाधारण मिसाल : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बस्तर और जनजातीय समाज के लिए चार दशक का समर्पण मानवता की असाधारण मिसाल : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

*पद्मश्री डॉ. सुनीता गोडबोले एवं डॉ. रामचंद्र गोडबोले द्वारा बस्तर में किए गए सेवा कार्यों की मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की सराहना*

ये खबर भी पढ़ें…
September 28, 2026
*सीधी और सच्ची बात साहस के साथ रखें युवा, नई सोच को दें नई पहचान : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

*बस्तर में सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और जनसेवा पहुंचाने पर सरकार का फोकस : मुख्यमंत्री*

रायपुर, 29 मई 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी दंपति डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले से आत्मीय मुलाकात कर उनके द्वारा बस्तर और जनजातीय समाज के बीच चार दशकों से अधिक समय से किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की। मुलाकात के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री को बताया कि “बस्तर और बस्तरवासियों से हमें गहरा प्रेम है। हम गोंडी और हल्बी में उनसे संवाद करते हैं, यही हमारी संस्कृति है और अब हम बस्तर नहीं छोड़ना चाहते हैं।” मुख्यमंत्री श्री साय ने इस आत्मीय भावना को बस्तर, उसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति गहरे समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केवल सेवा का विषय नहीं, बल्कि मानवीय आत्मीयता, संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता की दुर्लभ मिसाल है।

ये खबर भी पढ़ें…
आवास सूची देने से कतरा रही नगर पंचायत मरवाही? CMO और कंप्यूटर ऑपरेटर के जवाब ने बढ़ाए सवाल..!
आवास सूची देने से कतरा रही नगर पंचायत मरवाही? CMO और कंप्यूटर ऑपरेटर के जवाब ने बढ़ाए सवाल..!
September 28, 2026
आवास सूची देने से कतरा रही नगर पंचायत मरवाही? CMO और कंप्यूटर ऑपरेटर के जवाब ने बढ़ाए सवाल मरवाही। नगर...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका पद्मश्री सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश, विशेष रूप से बस्तर, जनजातीय समाज और बस्तरवासियों के सम्मान का विषय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल बने गोडबोले दंपति का सम्मानित होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले ने चार दशकों से अधिक समय तक बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर यह उदाहरण प्रस्तुत किया है कि सेवा का वास्तविक अर्थ समाज के सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक अपनत्व, विश्वास और मानवीय संवेदना पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोडबोले दंपति ने जनजातीय समाज तक पहुंचकर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया, कुपोषण, टीबी, मलेरिया, पीलिया और अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलायी तथा शिक्षा और नशामुक्ति जैसे विषयों पर उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद जनजातीय समाज के बीच बने रहना और सेवा करते रहना असाधारण समर्पण का उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोडबोले दंपति केवल चिकित्सक के रूप में नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के आत्मीय सहयोगी के रूप में कार्य करते रहे हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद के कठिन दौर में भी गोडबोले दंपति ने सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा और मानवता को सर्वोपरि रखते हुए जनजातीय समाज के बीच लगातार कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि जब भय और असुरक्षा का वातावरण था, तब भी इनका बस्तर और उसके लोगों के प्रति विश्वास और प्रतिबद्धता कमजोर नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दर्शाता है कि इस प्रदेश, इसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति उनका प्रेम कितना गहरा और आत्मीय है। उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ कठिन परिस्थितियों में समाज के साथ खड़े रहने से सिद्ध होता है और गोडबोले दंपति ने इसे अपने जीवन से प्रमाणित किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्हें यह देखकर विशेष प्रसन्नता हुई कि गोडबोले दंपति को बस्तर और छत्तीसगढ़ की संस्कृति की गहरी समझ है। उन्होंने कहा कि वे केवल यहां कार्य नहीं कर रहे, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में पूरी तरह रच-बस गए हैं तथा उसे आत्मसात किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडी और हल्बी जैसी स्थानीय भाषाओं में संवाद स्थापित करना इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने लोगों के बीच विश्वास, अपनत्व और आत्मीयता का मजबूत रिश्ता बनाया है। यही कारण है कि आज वे स्वयं कहते हैं कि अब बस्तर छोड़ने का उनका मन नहीं है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम से उनका स्वयं का जुड़ाव रहा है और वे जानते हैं कि आश्रम के संस्कार सेवा, समर्पण और समाज के प्रति आत्मीयता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि आश्रम की यात्रा और उसके मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता और आत्मीय सहयोग पहुंचाने के विचार से जुड़े हैं तथा यह कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव तैयार करता है।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति से संवाद करते हुए बस्तर के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सूक्ष्म स्तर के प्रयासों और कार्ययोजना की जानकारी भी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में विकास और विश्वास की नीति पर गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि सुरक्षा के साथ-साथ लोगों तक शासन, सेवाएं और अवसर भी पहुंचें। उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा व्यवस्था को केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे जनसेवा से जोड़ते हुए व्यापक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बना रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार सुरक्षा कैंपों को “सेवा डेरा” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि वहां सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, जनसेवा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित कर रही है और वहां विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास, सुरक्षा और विश्वास का जो नया वातावरण बना है, वह संवेदनशील शासन और सतत प्रयासों का परिणाम है।

       चर्चा के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से संत गहिरा गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेरणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कैलाश गुफा, वहां संचालित संस्कृत विद्यालय, आश्रम तथा सरगुजा अंचल की यात्राओं का अनुभव साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपने जुड़ाव की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि गोडबोले दंपति ने केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना, जनजातीय जीवन मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं को भी आत्मसात किया है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि गोडबोले दंपति की समर्पण और सेवा की भावना पूरे छत्तीसगढ़ में जनसेवा और सामाजिक जागरूकता की नई चेतना को मजबूत करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!