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नगर पालिका पेंड्रा की बड़ी लापरवाही” “अमरपुर बाईपास रोड किनारे फैला कचरा, शमशान घाट के पास गंदगी: स्वामी आत्मानन्द विद्यालय- कॉलेज के बच्चों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा”

नगर पालिका पेंड्रा की बड़ी लापरवाही”

“अमरपुर बाईपास रोड किनारे फैला कचरा, शमशान घाट के पास गंदगी: स्वामी आत्मानन्द विद्यालय- कॉलेज के बच्चों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा”

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही:- नगर पालिका पेंड्रा की लापरवाही से नगर की स्वच्छता व्यवस्था सवालों के घेरे में है। अमरपुर बाईपास रोड पर स्थित श्मशान घाट के बगल में सड़क किनारे लंबे समय से आपशिष्ट पदार्थ व गंदगी का अंबार लगा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग से स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय एवं स्वामी आत्मानन्द कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राएँ प्रतिदिन आवाजाही करते हैं।

बरसात में बढ़ा संक्रमण का खतरा…..?

स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात का मौसम शुरू होते ही यह कचरा नालियों में फैलकर बदबू और गंदगी को और बढ़ा देता है। जगह-जगह जलभराव से मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। डेंगू, मलेरिया, टायफाइड, हैजा जैसी बीमारियों की आशंका से अभिभावक खासे चिंतित हैं। बच्चों को रोज इस मार्ग से गुजरना पड़ता है, जिससे वे सीधे संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।

लोगों का आरोप— नगर पालिका कर रही अनदेखी….?

क्षेत्रवासियों ने बताया कि नगर पालिका प्रशासन को कई बार शिकायत की गई, मगर सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। स्थिति यह है कि सड़क किनारे पड़ा यह कचरा अब स्थायी डंपिंग स्थल की तरह दिखाई देने लगा है।

CMO की अनदेखी पर सवाल..?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी, खासकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO), इस पूरे मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कचरे का ढेर अब स्थायी डंपिंग ज़ोन जैसा बन गया है, जिससे साफ झलकता है कि CMO की ओर से न तो निगरानी की जा रही है और न ही सफाई अमले पर कार्रवाई।सूत्रों की हवाले..?

स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा—

“नगर पालिका का ध्यान सिर्फ दिखावटी काम पर है, जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं।””छात्र-छात्राएँ रोज इस दुर्गंध और गंदगी से गुजरने को मजबूर हैं। यदि जल्द सफाई नहीं हुई तो महामारी फैल सकती है।”

अभिभावकों और शिक्षकों की चिंता…?

विद्यालय व कॉलेज प्रबंधन ने भी इस मुद्दे पर चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि इस गंदगी के कारण न केवल विद्यार्थियों की सेहत पर असर पड़ रहा है बल्कि पढ़ाई-लिखाई का माहौल भी प्रभावित हो रहा है। स्वच्छ भारत अभियान के दावे नगर पालिका पेंड्रा में खोखले साबित हो रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपेक्षा

लोगों ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।

क्या कहता है नियम….?

स्वच्छता मिशन के अंतर्गत नगर पालिकाओं को शहर के बाहर वैज्ञानिक पद्धति से कचरे का निस्तारण करना अनिवार्य है। मगर पेंड्रा में इस नियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सड़क किनारे कचरा डालकर प्रशासन न केवल नियमों का उल्लंघन कर रहा है बल्कि नागरिकों की जिंदगी से भी खिलवाड़ कर रहा है।

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