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1400 पन्नों की जांच, गंभीर आरोपों का खुलासा… फिर भी FIR नहीं! DSP कल्पना वर्मा केस में देरी ने खड़े किए सिस्टम की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर बड़े सवाल…!

1400 पन्नों की जांच, गंभीर आरोपों का खुलासा… फिर भी FIR नहीं! DSP कल्पना वर्मा केस में देरी ने खड़े किए सिस्टम की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर बड़े सवाल…!

रायपुर।डीएसपी कल्पना वर्मा से जुड़े बहुचर्चित मामले में 1400 से अधिक पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपे जाने के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं होने से पूरे प्रकरण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट जमा होने के तुरंत बाद 5 फरवरी को उन्हें निलंबित कर दिया गया था, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता और गति पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।

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सूत्रों के अनुसार, जांच रिपोर्ट में पद के दुरुपयोग, आर्थिक अनियमितताओं और संवेदनशील सूचनाओं के कथित लीक जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट को तथ्य आधारित और व्यापक बताया जा रहा है, जिसमें पिछले कई वर्षों की गतिविधियों की गहन जांच शामिल है। इसके बावजूद FIR दर्ज न होना कई आशंकाओं को जन्म दे रहा है।

मामले के शिकायतकर्ता कारोबारी दीपक टंडन ने आरोप लगाया है कि उनकी टोयोटा हायराइडर (CG 04 PA 0486), ज्वेलरी, डायमंड सहित अन्य कीमती सामान अब तक वापस नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़ा विवाद अभी भी लंबित है और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत भी जानकारी मांगी है, लेकिन अब तक स्पष्ट जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।

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सूत्रों का यह भी कहना है कि यदि डिजिटल साक्ष्यों—विशेषकर मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच—को गंभीरता से खंगाला जाए, तो कई महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं। गोपनीय सूचनाओं के लीक होने जैसे आरोप इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना देते हैं।

इस बीच, जांच से जुड़े कुछ डिजिटल चैट में प्रभावशाली नामों के सामने आने की चर्चा भी तेज है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब विभागीय जांच पूरी हो चुकी है और गंभीर निष्कर्ष सामने आ चुके हैं, तो FIR दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है। पुलिस मुख्यालय की ओर से अब तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस मामले में FIR दर्ज होती है या जांच की दिशा कोई नया मोड़ लेती है।

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