दिल्ली में युवा कांग्रेस पर पुलिस कार्रवाई से राजनीतिक बवाल, उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर तीखा विरोध

नई दिल्ली/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। दिल्ली पुलिस द्वारा इंडियन युथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब एवं अन्य युवा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमन शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि लोकतंत्र में युवाओं का अपनी बात रखना, सवाल पूछना और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करना उनका संवैधानिक अधिकार है। इसे अपराध की श्रेणी में रखना सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना किसी हिंसा या उकसावे के शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। उनका उद्देश्य केवल प्रधानमंत्री की नीतियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करना था। इसके बावजूद पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि सरकार आलोचना से असहज है और विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

अमन शर्मा ने कहा, “यह कार्रवाई न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। यदि शांतिपूर्ण विरोध को भी कुचलने की कोशिश की जाएगी तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।” उन्होंने मांग की कि उदय भानु चिब सहित सभी गिरफ्तार युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए, उन पर लगाए गए आरोप वापस लिए जाएं और भविष्य में इस प्रकार की दमनात्मक कार्रवाईयों पर रोक लगाई जाए। युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र रिहाई नहीं हुई तो प्रदेश एवं जिला स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। नेताओं का कहना है कि युवाओं की आवाज को किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।













