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“सिस्टम पर फिर उठे सवाल: दुर्ग जिला अस्पताल में नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की मौत, उत्कृष्ट रैंक वाला संस्थान अब विवादों में”

“सिस्टम पर फिर उठे सवाल: दुर्ग जिला अस्पताल में नसबंदी के दौरान दो महिलाओं की मौत, उत्कृष्ट रैंक वाला संस्थान अब विवादों में”

दुर्ग, 10 नवंबर 2025। प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला जिला अस्पताल दुर्ग इन दिनों गहरे विवाद में है। शनिवार को यहां नसबंदी ऑपरेशन के दौरान दो महिलाओं की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजन इसे डॉक्टरों की लापरवाही बता रहे हैं, जबकि अस्पताल प्रबंधन दवाओं के “रिएक्शन” की संभावना जता रहा है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और स्वास्थ्य विभाग ने जांच समिति गठित कर दी है।

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ऑपरेशन थियेटर में बढ़ा तनाव

पहली घटना में बजरंग नगर निवासी पूजा यादव (27) नसबंदी ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंची थीं। बताया जाता है कि ऑपरेशन के दौरान अचानक उनके शरीर में झटके आने लगे और हालत बिगड़ गई। आईसीयू में भर्ती कराने के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।इसी दिन सिकोला भाटा निवासी किरण यादव (30) ने सिजेरियन ऑपरेशन के बाद नसबंदी कराई। कुछ ही देर में उनकी भी तबीयत उसी तरह बिगड़ने लगी। इलाज के प्रयासों के बावजूद शाम तक उन्होंने दम तोड़ दिया। किरण का नवजात शिशु अब बिना मां के रह गया है, जिससे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

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दवाओं की भूमिका पर संदेह

अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रारंभिक जांच में एनेस्थीसिया रिएक्शन या किसी दवा की मिलावट की आशंका जताई जा रही है। सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिंज ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान प्रयुक्त दवाओं — Bupivacaine, Midan और Ringer Lactate — के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।

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एक ही टीम की 9 सर्जरी, दो की मौत

शनिवार को अस्पताल की मदर-चाइल्ड यूनिट में कुल नौ सर्जरी की गईं। इनमें से सात महिलाएं पूरी तरह स्वस्थ हैं, जबकि दो की मौत ने सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑपरेशन टीम में डॉ. उज्जवला देवांगन, डॉ. विनीता ध्रुवे, डॉ. रिंपल (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और डॉ. पूजा वर्मा (एनेस्थेटिस्ट) शामिल थीं।

परिजनों का आक्रोश, जांच के आदेश

दोनों मृतक महिलाओं के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और गलत दवाओं के उपयोग का आरोप लगाया है। घटना के बाद परिजन अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में विशेष जांच टीम गठित की है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल

दुर्ग जिला अस्पताल को अब तक प्रदेश में ‘उत्कृष्ट’ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाता रहा है, लेकिन इस हादसे ने उसकी साख पर गहरी चोट पहुंचाई है। दो महिलाओं की मौत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा और गुणवत्ता के मानक सिर्फ कागजों तक सीमित रह गए हैं  ? अब पूरा जिला जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है — जो यह तय करेगी कि यह संयोग था या सिस्टम की विफलता।

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