
“अरपा किनारे ‘रेत माफिया’ का राज! रतखंडी में रात-दिन लूट, प्रशासन मौन—नाबालिग से ट्रैक्टर चलवाने का भी खुलासा”
कोटा (बिलासपुर) – जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रतखंडी इन दिनों अवैध रेत खनन और उत्खनन का बड़ा अड्डा बन चुका है। अरपा नदी के तट पर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए दिन-रात रेत की लूट मची हुई है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। हालात ऐसे हैं कि यह पूरा अवैध कारोबार शासन-प्रशासन की नाक के नीचे धड़ल्ले से संचालित हो रहा है, जिससे व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, रतखंडी क्षेत्र में तड़के करीब 3 बजे से लेकर रात 12 बजे तक लगातार ट्रैक्टरों के जरिए रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन जारी रहता है। इस पूरे खेल में गांव के ही कुछ लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है, जिनके इशारे पर ट्रैक्टरों की लंबी कतारें नदी किनारे से रेत ढोती नजर आती हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध काम में एक ट्रैक्टर चालक के रूप में भुवनेश्वर पटेल का नाम सामने आया है, जो खुद को नाबालिग बता रहा है। यदि यह सच है, तो यह सिर्फ अवैध खनन ही नहीं बल्कि बाल श्रम और कानून की खुली अवहेलना का मामला भी बन जाता है। सवाल उठता है कि आखिर किसकी शह पर नाबालिग को इस तरह जोखिम भरे काम में झोंका जा रहा है?


जानकारी के अनुसार, इस पूरे अवैध नेटवर्क के लिए कोटा रोड से लगे एक निजी जमीन—जो रतखंडी निवासी बाबूलाल के कब्जे में बताई जा रही है—से रास्ता बनाकर ट्रैक्टरों की आवाजाही कराई जा रही है। इसी रास्ते पर बिजली विभाग का खंभा भी स्थित है, जिससे हर समय बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से कभी भी ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर खंभे से टकरा सकते हैं, जिससे जनहानि और बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध खनन की शिकायत कई बार संबंधित विभागों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे यह संदेह भी गहराता जा रहा है कि कहीं न कहीं इस पूरे खेल में जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत तो नहीं है, जिसके चलते खनन माफिया बेखौफ होकर अपना धंधा चला रहे हैं।















