कोटमीकला में 27 अप्रैल से सजेगा ‘आदिवासी संस्कृति एवं भाड़ीगढ़ जात्रा महोत्सव’ का मंच, प्रतियोगिताओं में बरसेंगे इनाम

गौरेला पेंड्रा मरवाही | मिथलेश आयम की रिपोर्ट : छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोटमीकला क्षेत्र स्थित बुड़ादेव ठाना भाड़ी में आगामी 27 अप्रैल से 1 मई 2026 तक पांच दिवसीय “आदिवासी संस्कृति एवं भाड़ीगढ़ जात्रा महोत्सव” का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
इस महाआयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। ग्राम पंचायत भाड़ी एवं आदिवासी युवा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहे इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और उनके अधिकारों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना है। सांस्कृतिक छटा और प्रतियोगिताओं का होगा संगम महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए इस आयोजन में विभिन्न प्रतियोगिता का भी समावेश किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैंभाषण प्रतियोगिता आदिवासी नृत्य प्रतियोगिता पारंपरिक वेश-भूषा प्रतियोगिता भाषण प्रतियोगिता के लिए समाज से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रासंगिक विषय निर्धारित किए गए हैं। युवा प्रतिभागी ‘ग्राम सभा का महत्व’, ‘महिला सशक्तिकरण’, ‘नशा मुक्ति’ और ‘आदिवासी अधिकार’ जैसे गंभीर विषयों पर अपने विचार मंच से साझा करेंगे।
विशिष्ट अतिथियों और कलाकारों का लगेगा जमावड़ा

आयोजन समिति ने बताया कि इस महोत्सव में कई नामी हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. स्वाति सिंह (मेडिकल ऑफिसर) अनिल आर्मो (CGPSC 2024, जनपद CEO) गर्गी ओंटेन (जूनियर मिस इंडिया विनर) कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। वहीं, युवाओं के बीच लोकप्रिय यूट्यूबर अर्चना मार्को और जानी-मानी गायिका प्रियंशी भलावी अपनी विशेष प्रस्तुतियों से इस कार्यक्रम में चार चांद लगाएंगी। विजेताओं के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करने के लिए आयोजकों द्वारा आकर्षक पुरस्कार राशि भी तय की गई है
प्रतियोगिता का नाम प्रथम पुरस्कार द्वितीय पुरस्कार तृतीय पुरस्कार :-

पंजीयन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। प्रतिभागी आयोजन समिति द्वारा जारी किए गए संपर्क नंबरों पर कॉल करके अपना पंजीयन सुरक्षित करा सकते हैं। ”यह महोत्सव सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी जड़ों, परंपराओं और अधिकारों की ओर लौटने का एक साझा प्रयास है। हम चाहते हैं कि समाज का हर वर्ग अपनी संस्कृति पर गर्व करे।” आयोजक मंडल ग्राम पंचायत भाड़ी एवं आदिवासी युवा संगठन
















