राष्ट्रीय पदक विजेताओं का जनपद में स्वागत, खिलाड़ियों ने बढ़ाया जिले का मान” “कठिन परिस्थितियों में भी पदक जीतकर खिलाड़ियों ने रचा इतिहास”- निशांत तिवारी__

“राष्ट्रीय पदक विजेताओं का जनपद में स्वागत, खिलाड़ियों ने बढ़ाया जिले का मान”
“कठिन परिस्थितियों में भी पदक जीतकर खिलाड़ियों ने रचा इतिहास”- निशांत तिवारी__
पेंड्रा।जनपद पंचायत पेंड्रा, जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही में आज एक ऐतिहासिक और भावुक क्षण देखने को मिला, जब सरपंच संघ एवं जनपद पंचायत पेंड्रा द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जनपद के सभा कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सरपंच एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सचिव, पैरा स्पोर्ट्स संगठन दिनेश सिंह दाऊ ने बताया कि वर्ष 2025–26 में जिले के विभिन्न ग्रामों के युवा दिव्यांग खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया, रोहित कुमार, ग्राम पनकोटा – दो स्वर्ण एवं एक रजत पदक (25वीं राष्ट्रीय पैरा दिव्यांग स्विमिंग प्रतियोगिता, हैदराबाद – तेलंगाना) जंतराम पनिका, ग्राम सोनबचरवार – एक कांस्य पदक (स्विमिंग) कु. मोहनी मरावी, ग्राम देवरगांव – एक कांस्य पदक (स्विमिंग) सुंदर सिंह कुशराम, ग्राम आमगांव (बस्ती बगरा) – एक स्वर्ण पदक (37वीं राष्ट्रीय आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता, लुधियाना – पंजाब) सभी खिलाड़ियों का माल्यार्पण, शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र के साथ सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
जनपद उपाध्यक्ष निशांत तिवारी ने दिव्यांग खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए कहा—
“ये खिलाड़ी सिर्फ पदक नहीं जीतते, बल्कि हमारे जिले की असली पहचान हैं। विपरीत परिस्थितियों में भी इन्होंने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वह किसी बड़े प्रेरणा स्रोत से कम नहीं। ऐसे खिलाड़ियों को हम सचमुच पलकों पर बिठाने योग्य हैं। आने वाले समय में इन खिलाड़ियों को हर संभव सहायता और मंच उपलब्ध कराया जाएगा। यह हमारा दायित्व ही नहीं, हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने आगे कहा कि जिले के युवाओं को इन खिलाड़ियों से सीख लेकर खेल जगत में आगे बढ़ने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम में उमड़ा उत्साह, सरपंच संघ की पहल को सराहा गया !
सरपंच संघ द्वारा किए गए इस आयोजन की सराहना करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभाएँ किसी भी तरह से कम नहीं हैं। आवश्यक है कि उन्हें पहचान, संसाधन और प्रोत्साहन मिले। दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए ऐसी सम्मान सभाएँ उनका मनोबल कई गुना बढ़ाती हैं। कार्यक्रम में कई सरपंच, जनपद सदस्य, सामाजिक कार्यकर्ता, पैरा स्पोर्ट्स टीम और खिलाड़ियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





