ग्राम पंचायत झगड़ाखंड में नया कारनामा पूर्व निर्मित पुलिया तोड़कर नया निर्माण, कमीशनखोरी की आशंका ?

ग्राम पंचायत झगड़ाखंड में नया कारनामा
पूर्व निर्मित पुलिया तोड़कर नया निर्माण, कमीशनखोरी की आशंका ?
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही।जनपद पंचायत गौरेला अंतर्गत ग्राम पंचायत झगड़ाखंड में एक बार फिर पंचायत स्तर पर गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि पूर्व पंचवर्षीय कार्यकाल में बनी गुणवत्ता युक्त पुलिया को बिना किसी सक्षम अनुमति के जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर उसके स्थान पर नई पुलिया का निर्माण शुरू करा दिया गया। इस पूरे प्रकरण में कमीशनखोरी और मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पुलिया वार्ड क्रमांक 3 के अंतर्गत आती है। आरोप है कि वर्तमान सरपंच एवं सचिव ने जनपद पंचायत के सीईओ को गुमराह कर नए पुलिया निर्माण की स्वीकृति प्राप्त कर ली, जबकि मौके पर पहले से मजबूत और उपयोगी पुलिया मौजूद थी। बिना तकनीकी जांच और बिना उच्चस्तरीय अनुमति के पूर्व निर्मित पुलिया को तोड़ दिया गया।
इस मामले की औपचारिक शिकायत वार्ड क्रमांक 3 की पंच द्वारा जनपद पंचायत गौरेला के सीईओ से की गई है। पंच का आरोप है कि न तो उन्हें और न ही अन्य पंचों को पुलिया तोड़े जाने अथवा नए निर्माण की कोई जानकारी दी गई। इससे स्पष्ट होता है कि पंचायत में निर्वाचित प्रतिनिधियों की घोर उपेक्षा की जा रही है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि सरपंच-सचिव द्वारा बाहरी ठेकेदारों से मिलीभगत कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। जो पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत झगड़ाखंड की सचिव एवं रोजगार सहायक लगभग 10 वर्षों से एक ही पंचायत में पदस्थ हैं। आरोप है कि लंबे समय से जमे रहने के कारण दोनों कर्मचारी मनमानी पर उतारू हैं। इस संबंध में पूर्व सरपंच सहित वर्तमान पंचों ने सचिव एवं रोजगार सहायक को तत्काल अन्य पंचायत स्थानांतरित करने की मांग की है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। अब देखना यह होगा कि जनपद पंचायत प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है या मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।





