अंतिम तक न्यूज़ के खुलासे के बाद रेत माफियाओं पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, अवैध घाट पर चला ‘जनता का बुलडोज़र’ – विभाग कुंभकर्णी नींद में लीन…?

बिलासपुर : कोटा विकासखंड के ग्राम रतखंडी में प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे रेत माफियाओं के काले साम्राज्य पर आखिरकार जनता का हथौड़ा चल ही गया। लंबे समय से इस इलाके में माफियाओं ने अवैध रेत घाट बनाकर खुलेआम दिन-दहाड़े रेत का ‘लूट’ मची थी। बेखौफ दलाल हर ट्रैक्टर से ₹300 का ‘गुंडा टैक्स’ (अवैध वसूली) ऐंठ रहे थे। लेकिन बकरे की मां कब तक खैर मनाती! जैसे ही इस काले कारनामे की “अंतिम तक न्यूज़ ” टीम ने भंडाफोड़ कर खबर सामने लाई, फिर ग्रामीणों का गुस्सा ज्वालामुखी बनकर फूट पड़ा। अपनी आंखों में धूल झोंक रहे इन रेत चोरों के खिलाफ पूरा गांव एक चट्टान की तरह लामबंद हो गया। ग्रामीणों की आक्रोशित भीड़ और ग्राम पंचायत सरपंच मंजू कला और सरपंच प्रतिनिधि कला कुमार मरावी के द्वारा सामूहिक घेराव कर दिया गया। पंचायत ने भी कड़े तेवर दिखाते हुए साफ किया कि गांव की छाती पर मूंग दलने वालों और अवैध धंधेबाजों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।और फिर हुआ रेत माफियाओं का ‘इलाज’ कागजी कार्रवाइयों के भरोसे बैठने के बजाय ग्रामीणों ने सीधा मैदान पकड़ लिया। जिस अवैध घाट से ये दलाल अपनी तिजोरियां भर रहे थे, वही ग्रामीणों की फौज ने जगह जगह पर गड्ढा खोदकर इन माफियाओं के मंसूबों को ही दफन कर दिया। जिसे ट्रैक्टरों के पहिए थम गए और रेत चोरों का सारा गुरूर मिट्टी में मिल गया। रतखंडी का सीधा अल्टीमेटम गांव की माटी नीलाम करने वालों की अब खैर नहीं अवैध वसूली और गुंडागर्दी की तो किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के बाद रेत दलालों के पसीने छूट गए हैं। कल तक सीना तानकर वसूली करने वाले अब चूहों की तरह बिलों में छुपते फिर रहे हैं। क्या अब भी खनिज विभाग कुंभकर्णी नींद में सोए रहेंगे क्या आल्हाधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, या फिर से ‘गांधी छाप’ कागजों तले कार्यवाही की दफन हो जाएंगी…?
















