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शिक्षा विभाग में 29.62 लाख का घोटाला: पकड़ में छोटा खिलाड़ी, बड़े साहबों पर चुप्पी क्यों…?

शिक्षा विभाग में 29.62 लाख का घोटाला: पकड़ में छोटा खिलाड़ी, बड़े साहबों पर चुप्पी क्यों…?

एक गिरफ्तार, दूसरा फरार… लेकिन जिनके कार्यकाल में हुआ खेल, उन पर कार्रवाई कब?

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बिलासपुर। शिक्षा विभाग में 29.62 लाख रुपये के गबन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। थाना कोटा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन पूरे मामले में “बड़े जिम्मेदारों” पर अब तक कोई हाथ नहीं डाला गया है, जिससे कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
गिरफ्तार आरोपी देवेंद्र कुमार पालके (38), निवासी धरमपुरा, करगी रोड कोटा, पर आरोप है कि उसने शासकीय कर्मचारी रहते हुए वेतन और भत्तों में कूट रचना कर सितंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच 29,62,222 रुपये का गबन किया। इस घोटाले में शामिल दूसरा आरोपी नवल सिंह पेकड़ा (लेखापाल/सहायक ग्रेड-02) अब भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
इस मामले की शुरुआत कांग्रेस नेता अंकित गोरहा की शिकायत से हुई, जिसके बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। थाना कोटा में अपराध क्रमांक 171/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

बड़ा सवाल, बड़े अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं?

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मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि शिकायत में तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोटा और वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर विजय टंडे की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए गए थे, फिर भी अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
आरोप है कि पूरा घोटाला उनके कार्यकाल में हुआ, लेकिन कार्रवाई सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रह गई। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं बड़े अधिकारियों को बचाने की कोशिश तो नहीं हो रही।
कार्रवाई या खानापूर्ति?
एक ओर पुलिस एक आरोपी को पकड़कर अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्य किरदार अब भी सिस्टम के संरक्षण में दिखाई दे रहे हैं। उल्टा, जिन पर आरोप हैं, उनके प्रमोशन की खबरें सामने आना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है।
जांच जारी, लेकिन भरोसा कम
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। लेकिन जिस तरह से अब तक कार्रवाई हुई है, उससे लोगों का भरोसा डगमगाता नजर आ रहा है।
अब देखना होगा—क्या इस घोटाले में बड़े चेहरों पर भी गिरेगी गाज, या मामला यहीं दबा दिया जाएगा?

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