तेंदूपत्ता संग्रह बना जानलेवा! मरवाही के जंगल में वृद्ध महिला पर भालू का हमला, चीख-पुकार से दहला इलाका

तेंदूपत्ता संग्रह बना जानलेवा! मरवाही के जंगल में वृद्ध महिला पर भालू का हमला, चीख-पुकार से दहला इलाका
“जंगल में अचानक मौत बनकर टूट पड़ा भालू”, महिलाओं की सूझबूझ से बची वृद्धा की जान, मरवाही अस्पताल में चल रहा इलाज

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। जिले के मरवाही वन क्षेत्र से एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की खौफनाक तस्वीर सामने आई है। तेंदूपत्ता संग्रह के लिए जंगल गई महिलाओं के समूह पर उस समय दहशत टूट पड़ी, जब एक जंगली भालू ने अचानक वृद्ध महिला पर हमला कर दिया। घटना इतनी भयावह थी कि जंगल में मौजूद महिलाओं की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। गंभीर रूप से घायल महिला को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।


घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। मरवाही क्षेत्र के ग्राम धरहर निवासी मनकी बाई प्रजापति, पति महाराजी लाल, उम्र लगभग 60 वर्ष, गांव की अन्य महिलाओं के साथ जंगल में तेंदूपत्ता संग्रह करने गई थीं। बताया जा रहा है कि महिलाएं जंगल के भीतर पत्ता तोड़ने में व्यस्त थीं, तभी झाड़ियों के बीच छिपा एक जंगली भालू अचानक बाहर निकला और मनकी बाई पर हमला कर दिया।
अचानक हुए हमले से जंगल में मचा हड़कंप

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भालू ने महिला को जमीन पर पटक दिया और पंजों से हमला करना शुरू कर दिया। महिला की चीख सुनकर आसपास मौजूद अन्य महिलाएं घबरा गईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए जोर-जोर से शोर मचाना शुरू किया। महिलाओं की आवाज और हलचल से भालू जंगल की ओर भाग गया। यदि साथी महिलाएं समय रहते साहस नहीं दिखातीं, तो घटना और भी भयावह हो सकती थी। हमले में महिला के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। जंगल के बीच हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जंगलों में भालुओं की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे।
108 एम्बुलेंस बनी जीवन रक्षक
घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल आपातकालीन सेवा 108 को सूचना दी गई। सूचना पर ड्यूटी में तैनात ईएमटी गणेश्वर प्रसाद और पायलट दयाशंकर मौके पर पहुंचे। जंगल से घायल महिला को बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया। बताया गया कि डॉ. हिमांशु नहरेल के मार्गदर्शन में महिला को आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयां दी गईं और हालत स्थिर करने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार महिला की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है, लेकिन चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
तेंदूपत्ता सीजन में बढ़ रहा खतरा
गौरतलब है कि तेंदूपत्ता संग्रह के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं और बुजुर्ग, रोजाना जंगलों में जाते हैं। ऐसे में वन्यजीवों से सामना होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से न तो सुरक्षा संबंधी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और न ही संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि तेंदूपत्ता संग्रह क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।












