रतनपुर वन परिक्षेत्र में अवैध कटाई का बड़ा खेल: ग्रामीणों ने वनरक्षक और ड्यूटी रेंजर पर लगाए गंभीर आरोप

जीशान अंसारी, बिलासपुर/रतनपुर : रतनपुर वन परिक्षेत्र के परसापानी बीट (क्रमांक 2549) में कीमती इमारती लकड़ियों की धड़ल्ले से हो रही अवैध कटाई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों के हवाले से वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों पर इस अवैध कारोबार को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर है कि लंबे समय से हरे-भरे जंगलों को साफ किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। वनरक्षक दीपक यादव और ड्यूटी रेंजर समीम खान की भूमिका संदिग्ध, ‘लेनदेन’ के आरोप ग्रामीणों ने सीधे तौर पर परसापानी बीट में पदस्थ वनरक्षक दीपक यादव और ड्यूटी रेंजर समीम खान को निशाने पर लिया है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि वनरक्षक की नाक के नीचे खुलेआम पेड़ों की कटाई हो रही है। आरोप है कि लकड़ी तस्करों और वनकर्मियों के बीच कथित रूप से ‘लेनदेन और संरक्षण’ का खेल चल रहा है, जिसके कारण माफिया बेखौफ होकर रात-दिन जंगलों को खोखला कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है
“शिकायत करने पर भी कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है। लकड़ी माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून या वन विभाग का कोई डर ही नहीं रह गया है।” वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे बड़े सवाल गश्त और निगरानी में बड़ी चूक ग्रामीणों का तर्क है कि यदि बीट में नियमित गश्त होती, तो इतनी बड़ी मात्रा में कीमती पेड़ों की कटाई संभव ही नहीं थी। अधिकारियों की बेरुखी विभागीय लापरवाही के कारण जंगल लगातार सिमट रहे हैं
और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। पुरानी शिकायतों पर लीपापोती यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी रतनपुर वन परिक्षेत्र में अवैध कटाई और अतिक्रमण की शिकायतें आती रही हैं, लेकिन हर बार केवल खोखले आश्वासन ही मिलते हैं।जब इस गंभीर मामले में रतनपुर रेंजर देव सिंह ठाकुर से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो संपर्क करने पर वन परिक्षेत्र अधिकारी फोन का जवाब नहीं दिए और कार्यालय से नदारद रहते है। वही इस मामले पर बिलासपुर वन मण्डल अधिकारी नीरज सिंह के द्वारा मामले को गंभीर बताते हुए साफ शब्दो मे कहे अवैध कटाई बर्दास्त नहीं किया जायेगा अगर पेड़ कटे है तो उचित जाँच कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी वही इस मामले पर स्थानीय ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग किए है अगर ईमानदारी से जांच की जाए, तो लकड़ी तस्करी के इस बड़े रैकेट और इसमें शामिल विभागीय चेहरों का पर्दाफाश हो सकता है। बिलासपुर वन मंडल प्रशासन अब इस मामले पर क्या संज्ञान लेता है, यह देखना बाकी है।
















