बैगा परिवारों के सपनों पर डाका ! लाखों वसूले, फिर भी अधूरे पड़े पीएम आवास

बैगा परिवारों के सपनों पर डाका! लाखों वसूले, फिर भी अधूरे पड़े पीएम आवास
6 महीने से प्लिंथ लेवल पर अटके मकान, सरपंच पर पैसे लेने के गंभीर आरोप

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत मुहैया कराना है, लेकिन गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के जनपद पंचायत गौरेला अंतर्गत ग्राम पंचायत पीपरखूंटी के आश्रित ग्राम जोबाटोला में यह योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। यहां विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति के लिए स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास आज भी अधूरे पड़े हैं, जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली गई।
ग्रामीणों के मुताबिक किसी परिवार से 1 लाख रुपए, किसी से 60 हजार तो किसी से 40 हजार रुपए तक लिए गए, लेकिन इसके बावजूद आवास निर्माण प्लिंथ लेवल से आगे नहीं बढ़ पाया। हालत यह है कि 6 महीने बीत जाने के बाद भी बैगा परिवार अधूरी दीवारों और खुले आसमान के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच, सचिव और आवास मित्र की मिलीभगत से गरीबों के हक पर डाका डाला गया। जिन परिवारों को योजना का लाभ मिलना था, वे आज भी कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में काम की स्थिति क्या दिखाई जा रही है, इसे लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात देखने की जरूरत तक नहीं समझी। यही वजह है कि निर्माण कार्य महीनों से ठप पड़ा है और बैगा परिवारों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
















