
SSA फंड में गड़बड़ी पर सीईओ विनय कुमार सागर और भुवन प्रसाद बाबू पर कार्रवाई, लेकिन पूर्व सीईओ क्यों बचे…?
विनय सागर और बाबू भुवन प्रसाद की दो वेतन वृद्धि रोकी गई, जबकि इसी मद की राशि पूर्व में पदस्थ सीईओ के कार्यकाल में भी खर्च होने की चर्चा।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। सर्व शिक्षा अभियान (SSA) की राशि के कथित वित्तीय दुरुपयोग के मामले में जिला प्रशासन ने जनपद पंचायत मरवाही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार सागर और सहायक ग्रेड-3 भुवन प्रसाद के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी दो वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर विजय दयाराम के. द्वारा जिला स्तरीय जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है।
जांच में सामने आया कि सर्व शिक्षा अभियान जैसी शिक्षा के लिए निर्धारित राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास मेला, पंचायत चुनाव, स्टेशनरी और अन्य प्रशासनिक कार्यों में किया गया। साथ ही भुगतान में संयुक्त हस्ताक्षर, बैंक संचालन और वित्तीय नियमों का पालन नहीं होने की बात भी जांच में दर्ज की गई, जिसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की गई।

लेकिन इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पूरी जवाबदेही सिर्फ वर्तमान सीईओ बाबू की ही थी?
जानकारी के अनुसार, सर्व शिक्षा अभियान की इसी राशि का उपयोग पूर्व में पदस्थ दो से तीन जनपद पंचायत सीईओ के कार्यकाल में भी किया गया था। यदि राशि का उपयोग कई वर्षों और अलग-अलग अधिकारियों के कार्यकाल से जुड़ी है, तो पूर्व सीईओ के विरुद्ध अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

क्या जांच में उनके कार्यकाल की भी समीक्षा हुई? यदि हुई तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि नहीं हुई, तो क्या जांच अधूरी रही?
अब जिले में यह चर्चा तेज है कि क्या प्रशासन सभी जिम्मेदार अधिकारियों पर समान रूप से कार्रवाई करेगा या फिर पूरी जिम्मेदारी केवल वर्तमान अधिकारियों पर डालकर मामले को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है।















