
जीपीएम/पेंड्रा : सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत पेंड्रा जनपद पंचायत के सीईओ संजय शर्मा की नियुक्ति की कॉपी और शासन की आदेश माँगा गया था पर जन सुचना अधिकारी और प्रथम अपीली अधिकारी के द्वारा जानकारी न दे कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं और आवेदक को गुमराह किया जा रहा हैं जो शासन की नियम विरूद्ध नियुक्ति हैं जिसे अभी हाल में सोशल मिडिया में लेकर काफी सुर्खियां बटोर रहे है, हमरे द्वारा इस प्रकरण की जब तह तक पड़ताल की गई तो अनेक बाते सामने आई, राज शासन द्वारा वर्ष 2001, 2006, 2017 में स्पष्ट रूप से आदेश जारी किया था, जिस मे स्पष्ट लिखा हुआ है की जनपद पंचायत सीईओ का प्रभार सहायक परियोजना अधिकारी को दिया जावे, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा एक पशु चिकित्सा को जनपद पंचायत प्रभारी सीईओ का प्रभार सौंपा गया, नियम विरूद्ध नियुक्त सीईओ संजय शर्मा द्वारा एक बड़े पैमाने में भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया, साथ ही इनके द्वारा अपने उच्च अधिकारी के आदेश की सारे आम धज्जियाँ भी उड़ाया गया, इनकी फर्जी नियुक्ति से शासन को लाखो रुपए की हानि भी हुई, जिला प्रशासन को इसकी जानकारी होने के बावजूद भी पशु चिकित्सा संजय शर्मा की फर्जी प्रभार को लेकर चुपी साधे बैठे है, जिसका कारण साफ तौर पर सिर्फ वसूली है।
पूर्व कांग्रेस पार्टी की उच्च कार्यकर्त्ता की हाथ……? सूत्रों से जानकारी के अनुसार कांग्रेस शासन काल में इनके करीबी रहे पूर्व मरवाही विधायक के के ध्रुव और कोरबा लोकसभा सांसद जोत्सना महंत जिनके साथ मिलने से एक पशु चिकित्सक को पूर्व में गौरेला जनपद पंचायत प्रभारी सीईओ बना कर बड़े पैमाने में भ्रष्टाचार और फिर वार्तमान में पेंड्रा जनपद पंचायत में भ्रष्टाचार को अंजाम देने को प्रभार सौपा गया हैं इसे साफ झलक रहा हैं की आपने चाहेते राज नेता और आपने उच्य अधिकारी के ऊपर खूब लक्ष्मी कृपा की बारिश किए हैं, और राजनैतिक स्पोर्ट के चलते बड़ी कार्यवाही से बच रहे हैं जोकि इनके भ्रष्टाचार का अहम कारण बना हैं।





