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“आदि कर्मयोगी अभियान : जनजातीय गांवों को मॉडल विलेज बनाने की दिशा में जिला प्रशासन सक्रिय”

“आदि कर्मयोगी अभियान : जनजातीय गांवों को मॉडल विलेज बनाने की दिशा में जिला प्रशासन सक्रिय”

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही,7 सितंबर,जनजाति कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जीपीएम जिले में 169 ग्राम चिन्हित किए गए हैं। यह अभियान विकेंद्रीकृत आदिवासी नेतृत्व और शासन पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से क्षमता निर्माण, अभीसरण और सामुदायिक भागीदारी से आदिवासी परिवर्तनकर्ताओं को सशक्त बनाना है। अभियान की सफलता और सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक चिन्हित गांव हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने शनिवार को अरपा सभा कक्ष में सभी नोडल अधिकारियों की बैठक लेकर उनके द्वारा किए गए निरीक्षण का ग्रामवार समीक्षा किया। नोडल अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश गांवों में आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जनधन खाता, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएम किसान सम्मान निधि और केसीसी कार्ड जैसी योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई।

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निरीक्षण में सामने आया कि कई गांवों में नल-जल कनेक्शन के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। इस पर कलेक्टर ने कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मोबाइल नेटवर्क, शाला उन्नयन, नवीन आंगनबाड़ी भवन, पहुंच मार्ग, पशुशेड, आवास किस्त, केसीसी कार्ड और पीएम सम्मान निधि जैसी आवश्यकताओं की जानकारी भी रखी गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी 169 गांवों में “आदि सेवा केंद्र” की स्थापना के लिए पंचायत भवन, सामुदायिक भवन या मंगल भवन का चयन कर वहां प्रदर्शन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि इससे शासन की सभी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ग्रामीणों को एक ही स्थान पर मिलेगी। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पर्व आयोजित किया जाए और प्रत्येक गांव में “आदि साथी” केडर के रूप में चयनित वॉलिंटियर्स के साथ बैठक कर ट्राइबल विलेज विजन 2030 तैयार किया जाए।

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रजनीश तिवारी,जिला शिक्षा अधिकारी……

“आदि कर्मयोगी अभियान, चिन्हित गांवों में शिक्षा संबंधी बुनियादी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। जिन स्कूलों में कक्षाओं की कमी, भवन जर्जर स्थिति या शिक्षकों की आवश्यकता है, वहां त्वरित कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। साथ ही गुणवत्ता आधारित शिक्षा और डिजिटल लर्निंग की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।”

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गोपेश मनहर,सहायक आयुक्त आदिवासी 

“यह अभियान आदिवासी समाज के लिए परिवर्तनकारी साबित होगा। गांवों में स्थापित होने वाले ‘आदि सेवा केंद्र’ जनजातीय समुदाय को शासन की योजनाओं से सीधे जोड़ेगा। आने वाले वर्षों में ट्राइबल विलेज विजन 2030 के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आजीविका संवर्धन की ठोस रणनीति बनाई जाएगी।”

 जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे

“आदि कर्मयोगी अभियान ग्राम स्तर पर जनभागीदारी और समन्वित विकास का अवसर प्रदान करता है। जिला पंचायत स्तर से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले। नोडल अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर विभागवार कार्ययोजना बनाई जाएगी ताकि चिन्हित 169 गांवों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।”

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