LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंप्रदेशराजनीतीरायपुर

सरकारी भूमि पर कुटरचना और मिलीभगत का जाल — कोरबा में दर्ज FIR, जीपीएम में बहाली और बंद फाइलें___जिले के प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिया जांच का आश्वासन____उन्होंने कहा कलेक्टर करेगी जांच________

सरकारी भूमि पर कुटरचना और मिलीभगत का जाल — कोरबा में दर्ज FIR, जीपीएम में बहाली और बंद फाइलें___जिले के प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिया जांच का आश्वासन____उन्होंने कहा कलेक्टर करेगी जांच________

प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल______

ये खबर भी पढ़ें…
वन विभाग में ‘पौधारोपण घोटाला’! शिकायतें सत्य, जांच पूरी… फिर भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
वन विभाग में ‘पौधारोपण घोटाला’! शिकायतें सत्य, जांच पूरी… फिर भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
June 21, 2026
मरवाही वनमंडल में 32.77 लाख का खेल! जांच में 1.06 लाख पौधे गायब, शिकायतें सत्य, फिर भी कार्रवाई का इंतजार...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पेंड्रारोड तहसील के कोटखर्रा, पडखुरी, मेडुका, पिपरिया, खन्नता सहित कई गांवों में सरकारी जमीन की लूट बेखौफ जारी

ये खबर भी पढ़ें…
पसान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में सीसी रोड निर्माण का हुआ भूमि पूजन व उद्घाटन : राजकुमार पाण्डेय
पसान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में सीसी रोड निर्माण का हुआ भूमि पूजन व उद्घाटन : राजकुमार पाण्डेय
June 21, 2026
लंबे समय से की जा रही थी मांग, बरसात के दिनों में कीचड़ से जूझने वाले मरीजों व स्टाफ को...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सरकारी तंत्र बना निजी साम्राज्य — नाम उछला पटवारी रवि जोगी कुजूर का, मरवाही तहसील में भी गूंज रहा भ्रष्टाचार का किस्सा

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : जिले के राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कार्यवाही शून्य —_______

ये खबर भी पढ़ें…
मरवाही नगर पंचायत अध्यक्ष मधु बाबा गुप्ता ने 50 लाख से अधिक का सी सी रोड का किया भूमिपूजन
मरवाही नगर पंचायत अध्यक्ष मधु बाबा गुप्ता ने 50 लाख से अधिक का सी सी रोड का किया भूमिपूजन
June 21, 2026
मिथलेश आयम, गौरेला पेंड्रा मरवाही : मरवाही नगर पंचायत अध्यक्ष मधु बाबा गुप्ता ने 50 लाख से अधिक का सी...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का बोलबाला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भूमि — विशेषकर बड़े झाड़, जंगल मद और चारागाह जैसी आरक्षित भूमियों — पर लगातार अवैध कब्जे और फर्जी रजिस्ट्री के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर कार्यवाही शून्य बनी हुई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील और पटवारी स्तर के कर्मचारी आपसी सांठगांठ से शासकीय भूमि की चौहद्दी बदलकर निजी व्यक्तियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लेते हैं। बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में निचले स्तर से लेकर ऊपर तक अधिकारियों की मिलीभगत की चर्चा जोरों पर है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कई स्थानों पर जंगल मद भूमि पर आलीशान मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान तक खड़े हो गए हैं, जबकि रिकॉर्ड में वे अब भी शासकीय भूमि के रूप में दर्ज हैं। शिकायतें बार-बार जिलास्तर पर पहुँचने के बावजूद विभागीय जांच केवल कागजों तक सीमित रह जाती है।

ग्रामीणों ने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति शिकायत करता है, तो राजस्व अमला “रिपोर्ट बनेगी – देखी जाएगी” कहकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है। इससे अवैध कब्जाधारियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक जिले के राजस्व विभाग के निचले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी और फर्जी चौहद्दी व रजिस्ट्री पर अंकुश नहीं लगेगा, तब तक शासकीय भूमि की लूट पर रोक संभव नहीं है।_

Back to top button
error: Content is protected !!