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शिक्षा व्यवस्था पर सवाल: पसान स्कूल में पू.प्र.प्राचार्य व व्याख्याता पर घोटालों की लंबी लिस्ट, जांच पूरी कार्रवाई शून्य..?

कोरबा/पसान : कोरबा जिले के पोड़ीउपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत शा.उ.मा.वि. पसान में लंबे समय से चल रही अनियमितताओं को लेकर बड़ी कार्रवाई की इंतजार है। वित्त मंत्री के माध्यम से प्राप्त शिकायत के आधार पर पूर्व प्रभारी प्राचार्य आर.पी. सिंह एवं व्याख्याता कुलदीप कुजुर के विरुद्ध विस्तृत जांच के आदेश जारी किए हुआ था। शिकायत में दोनों पर मिलीभगत का आरोप लगा था, जिसमे शिक्षक आवास को हॉस्टल चपरासी एवं महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइज़र को किराये पर देने का आरोप है। इसके साथ ही शासन से प्राप्त शासकीय सामग्रियों को वर्षों से केन्द्रीय स्टॉक रजिस्टर एवं स्टॉक रजिस्टर में दर्ज न करने, कीमती सामग्रियों की हेराफेरी तथा कम्प्यूटर बेचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री के सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान भी ग्राम पसान के ओम जायसवाल ने कम्प्यूटर चोरी की शिकायत की थी, परंतु आरोप है कि जांच अधिकारियों की मिलीभगत से मामला दबा दिया गया। व्याख्याता कुलदीप कुजुर पर यह भी आरोप है कि वे ओपन परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों से अभद्र व्यवहार करते हैं तथा पास कराने के नाम पर पैसों की मांग करते हैं। इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच करने घरीपखना एवं सिंघिया स्कूल के प्राचार्यों को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। उन्हें एक सप्ताह के भीतर बिंदुवार जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत भी कर दिए हैं, पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं देखने को मिला 

शाला प्रबंधन समिति की सामूहिक बयान :- 

शा.उ.मा.वि. पसान शाला प्रबंधन समिति ने जांच अधिकारी को सामूहिक बयान देते हुए पूर्व प्रभारी प्राचार्य आर.पी. सिंह और व्याख्याता कुलदीप कुजुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों में शिक्षक आवास को हॉस्टल चपरासी एवं महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइज़र को देना, किराया वसूलना, शासकीय सामग्रियों का स्टॉक रजिस्टर में उल्लेख न करना, कम्प्यूटर सहित कीमती सामग्री की हेराफेरी, तथा ओपन परीक्षा में पैसों की वसूली और अभद्र व्यवहार शामिल हैं। समिति ने मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

जाँच अधिकारी के पास परीक्षार्थी की बयान :- 

ईश्वरी तंवर परीक्षार्थी द्वारा जांच अधिकारी को की गई शिकायत से संबंधित है, जिसमें परीक्षा में पास करवाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया है। आवेदन में बताया गया है कि संबंधित प्रभारी शिक्षक कुलदीप कुजूर द्वारा पहले 5,000 रुपये मांगे और बाद में 5,000 रुपये की अतिरिक्त मांग फिर की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि मैगरीब हूँ अतिरिक्त पैसे कहाँ से दें पाती और लगातार शिक्षक द्वारा टालमटोल किया गया। आवेदक ने उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि छात्रों से इस तरह की आर्थिक वसूली पर रोक लगाई जा सके।

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