ड्रोन निगरानी बेअसर, छत्तीसगढ़ में बेलगाम रेत माफिया – नियमों के बावजूद जारी है अवैध खनन

रायपुर : छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन पर रोक लगाने के लिए शासन ने सख्त नियम बनाए हैं। नियमों के मुताबिक रेत खदानों की गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रखने के लिए कंट्रोल रूम से संचालन किया जाना है। साथ ही खदानों का अर्थो मैप (मैपिंग) तैयार कर उनकी सीमाएं तय करने और अवैध उत्खनन पर नजर रखने की व्यवस्था भी की जानी है।
लेकिन जमीनी स्तर पर इन नियमों का असर कई जिलों में नजर नहीं आ रहा है। कई स्थानों पर रेत माफिया बेखौफ होकर नदी घाटों से धड़ल्ले से अवैध उत्खनन और परिवहन करते दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार रात के अंधेरे में माफिया सक्रिय हो जाते हैं और भारी वाहनों के जरिए रेत की तस्करी की जाती है। खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में यह गतिविधियां ज्यादा देखने को मिल रही हैं, जहां से चोरी की रेत को मध्यप्रदेश तक पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, जिससे रेत माफियाओं के हौसले और बढ़ गए हैं। दिन में शांत दिखने वाले कई नदी घाट रात होते ही अवैध खनन के केंद्र बन जाते हैं। “खबरो का राजा” की रिपोर्ट के अनुसार ड्रोन निगरानी और कंट्रोल रूम से संचालन जैसे नियम होने के बावजूद अवैध रेत खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर नियमों का पालन कब सख्ती से कराया जाएगा और प्राकृतिक संसाधनों की इस खुली लूट पर कब लगाम लगेगी।















