
फर्जी पट्टा दिखाकर वन विभाग के बाउंड्री के अंदर अतिक्रमण, रेंजर की मिलीभगत, डीएफओ कुमार निशांत निष्क्रिय,
कोरबा: पसान में फर्जी पट्टा दिखाकर वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा,करने वाले भूमाफिया के खिलाफ DFO को आवेदन दिया गया था परंतु उक्त मामले में वन परिक्षेत्र अधिकारी पसान रामनिवास दहायत की मिलीभगत से लीपापोती की जा रही है जबकि मामला संगीन है, शासन की भूमि पर अतिक्रमण से जुड़ा हुआ है, भूमाफिया की दबंगई माफिया ने अवैध कब्जा की आड़ में व्यापारी के दुकान को भी तोड़ा, थाने में शिकायत,, बता दे की उक्त सरकारी भूमि से लगी भूमि पर पसान के प्रताप साहू के द्वारा विगत 40 वर्षो से अधिक समय से दुकान का संचालन किया जा रहा था, परंतु भू माफिया दिलीप साहू ने दबंगई दिखाते हुए सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करते हुए पास लगी दुकान को तोड़कर हटा दिया,
जिस मामले में भू माफिया के खिलाफ एफआईआर एवम् गिरफ्तारी की मांग की गई है भू माफिया ने चालीस वर्षों से संचालित ठेला को उठाकर फेंकवा दिया है। जिसकी शिकायत ठेला संचालक पसान थाना प्रभारी से की है। पसान निवासी प्रताप चंद्र साहू ने मामले की शिकायत करते हुए बताया है कि वह बस स्टैंड में विगत 40 वर्षों से पान ठेले का संचालन करते आ रहा था। जिसे 1 नवंबर को दिलीप साहू द्वारा बिना उसकी अनुमति के हटवा दिया गया। ऊपर के टीन शेड को उखड़वा दिया गया है। नीचे लगे लोहे के चार पाया को भी कटवा दिया है। जिससे पीड़ित को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उसका रोजगार भी छिन गया है। पान ठेला को हटवाने के बाद वहां लकड़ियों का ढेर लगा दिया गया है। पीड़ित ने बताया कि इससे पूर्व दो बार उसके ठेला में आगजनी की घटना को भी अंजाम दिया गया है। उसने ठेला को पूर्व जगह में स्थापित कराने की मांग टीआई से की है। रेंजर की मिलीभगत, डीएफओ निष्क्रिय,वन विभाग की संपत्ति को पहुंचाते हुए अवैध निर्माण बेखौफ कर रहे है, गौरतलब है की उक्त मामले में पूर्व में ही डीएफओ को आवेदन के माध्यम से बताया जा चुका है की पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन विभाग के आवासीय परिसर खसरा नं. 181/2 रकबा 0.2020 हेक्ट भूमि जो कि रिकार्ड में डीएफओ नार्थ वन मंडल अधिकारी बिलासपुर के नाम पर दर्ज है,जिस पर पसान वन विभाग का आवासीय परिसर है भवन निर्मित है,उक्त वन भूमि पर पसान के भूमाफिया दिलीप साहू के द्वारा 180/3, एवं 180/5 खसरा नंबर भूमि का फर्जी पट्टा दिखाकर वन भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, जबकि 180 नंबर की भूमि भी बड़े झाड़ जंगल मद की भूमि है , उक्त भूमि को तत्कालिन तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारियों से साठ गाठ कर फर्जी पट्टा बनवाकर बड़े झाड़ जंगल मद की भूमि एवम् वन भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है, उक्त मामले में वन परिक्षेत्र पसान के अधिकारियो और कर्मचारियों के द्वारा लीपापोती कर मामले को रफादफा किया जा रहा है





