GPM जिला कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ मे आगे कौन.? — दिल्ली की सर्वे सूची से तय होगा नाम सबकी निगाहें 30 अक्टूबर पर टिकी

मिथलेश आयम की रिपोर्ट, गौरेला–पेंड्रा–मरवाही।(खबरों का राजा) :- जिले में कांग्रेस संगठन को नई ऊर्जा देने के लिए जिलाध्यक्ष पद की कवायद तेज हो गई है। इस पद के लिए अब तक कुल 18 नेताओं ने आवेदन किया है। जिला पर्यवेक्षक द्वारा जिले में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से फीडबैक लेने के बाद 6 नामों की सूची दिल्ली भेजी जाएगी, जिसके आधार पर कांग्रेस हाईकमान नया जिला अध्यक्ष तय करेगा। सूत्रों के अनुसार, जिन नेताओं के नाम इस दौड़ में आगे बताए जा रहे हैं, उनमें मनोज गुप्ता, उत्तम वासुदेव, वीरेंद्र बघेल, पंकज तिवारी, पुष्पराज सिंह गजमती, और एक आदिवासी या अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाले नेता का नाम शामिल है। पर्यवेक्षक द्वारा चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद यह सूची दिल्ली मुख्यालय भेजी जाएगी। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 30 अक्टूबर को दिल्ली से अंतिम सूची जारी होने की संभावना है।
अनुभव, युवाशक्ति और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस :
इस बार कांग्रेस आलाकमान नेतृत्व चयन में अनुभव, युवाशक्ति और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दे रहा है।वर्तमान जिलाध्यक्ष उत्तम वासुदेव पहले से संगठन में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं और दो बार युवा प्रदेश कांग्रेस में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।वहीं, मनोज गुप्ता कांग्रेस के पुराने और अनुभवी चेहरों में गिने जाते हैं, जिन्होंने कई बार संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाई है।
वीरेंद्र बघेल, जो मरवाही क्षेत्र की राजनीति में युवा और ऊर्जावान चेहरा माने जाते हैं, भी इस दौड़ में शामिल हैं। उनका स्थानीय कार्यकर्ताओं पर अच्छा पकड़ माना जाता है।
इसके अलावा पंकज तिवारी और पुष्पराज सिंह गजमती भी संगठन में मजबूत आधार रखते हैं। और जिले में उनकी सक्रियता लगातार बनी हुई है। अगर कांग्रेस इस बार महिला नेतृत्व या आदिवासी प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देती है, तो जिला कांग्रेस को पहली बार महिला जिलाध्यक्ष भी मिल सकती है। यह कदम पार्टी के समावेशी राजनीति के संदेश को और मजबूत करेगा।
अध्यक्ष को मिलेंगी नई शक्तियां :
कांग्रेस आलाकमान ने पहले ही साफ कर दिया है कि इस बार नियुक्त किए जा रहे जिलाध्यक्षों को संगठन में अधिक अधिकार और जिम्मेदारियां दी जाएंगी। नए जिलाध्यक्ष विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में टिकट वितरण बैठकों में शामिल होंगे। इसके साथ ही उनसे राष्ट्रीय नेतृत्व सीधे संपर्क में रहेगा, जिससे जिला स्तर पर संगठन को सशक्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा सके। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विपक्ष में रहते हुए भी पार्टी संगठन को पुनः सक्रिय और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
जिलाध्यक्ष पद को लेकर नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। कई वरिष्ठ और युवा नेता दिल्ली में अपने संपर्कों को सक्रिय कर चुके हैं। अब सबकी निगाहें 30 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब दिल्ली से नाम तय होने की उम्मीद है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अनुभवी चेहरा, युवा जोश या महिला नेतृत्व में से कौन गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले में कांग्रेस संगठन की कमान संभालता है।





