
प्रभारी रेंजर की नियुक्ति को ले कर उठ रहें सवाल…? जाँच हुई तो…खतरे में आ सकती है नौकरी।
क्या गाँधी की गुलाम या कमीशन की जुगाड़…?मिथलेश आयम…गौरेला पेंड्रा मरवाही:- मरवाही वनमंडल में अभी तक वन विभाग की दुर्दशा में सुधार नहीं आया बता दे की वन मण्डल अधिकारी रौनक गोयल की करीबी को कुछ दिन पूर्व ही CCF अधिकारी ने प्रभारी कास्टगार अधिकारी के पद से हटाया था एक पखवाने मे दूसरा आदेश करने के पीछे कुछ और कारण तो नही मामला मरवाही वनमंडल का है जहां वर्तमान DFO रौनक गोयल के खास करीबी कहे जाने वाले मनीष श्रीवास्तव को शिकायत पर CCF बिलासपुर ने कुछ ही दिन पहले DFO के आशिर्वाद से नियम विरुध्द बनाये गए प्रभारी कास्टगार अधिकारी के पद से हटाया गया था परंतु यह चमत्कारी उपवन क्षेत्रपाल ने CCF अधिकारी को ऐसा कौन सा मीठा खिलाया गया कि कुछ दिन में ही खोडरी रेंज का प्रभारी रेंजर बना दिया गया सबको आश्चर्य चकित कर दिया गया जबकि यह कर्मचारी शुरू से ही विवादित रहा यह डिप्टी रेंजर को कुछ वर्ष पूर्व ही खोडरी रेंज के बेलपत सर्किल से हटा कर बिलासपुर पोस्टिंग किया गया था, लेकिन जुगाड़ से फिर मरवाही वनमण्डल पोस्टिंग करा लिया सूत्रों से मिली जानकारी वर्तमान में नाम मात्र की DFO के पद पर पदस्थ है परंतु CCF के आदेश से तो फिर एक बार मामला सुर्खियों में है वनमण्डल में पदस्थ वर्तमान DFO द्वारा दो महत्पूर्ण पदों पर पुरषोतम कश्यप वायर लेश आपरेटर को प्रभारी स्टेनो तो मनीष श्रीवास्तव को खोडरी प्रभारी रेंजर बना देना कही न कही भ्रष्ट सिस्टम की ओर इसरा करता है। और अब कितना खोड़री रेंज में भ्रष्टाचार देखने को मिलेगा जो रेंज पहले से ही भ्रष्टाचार क्षेत्र के नाम से जाना जाता है…? या राज्य सरकार ऐसे CCF/DFO और मनीष श्रीवास्तव और पुरषोत्तम कश्यप पर कार्यवाही करेगी या भ्रष्ट सिस्टम को संरक्षण देगा।सूत्रों की माने तो इन्ही के कहने पर शिनीयर रेंजर योगेश बंजारे परिक्षेत्र गौरेला को बार बार नोटिस देकर प्रताड़ित किया गया है,, बता दें कि अनुसूचित क्षेत्र होने के कारण यहां अधिकारी प्रताड़ित कर रहे हैं





