दानीकुंडी में शिक्षा की नई शुरुआत : “वंदे मातरम इंग्लिश मीडियम स्कूल” का शुभारंभ, आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों पर रहेगा विशेष फोकस

दानीकुंडी में शिक्षा की नई शुरुआत : “वंदे मातरम इंग्लिश मीडियम स्कूल” का शुभारंभ, आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों पर रहेगा विशेष फोकस
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में ग्राम दानीकुंडी मरवाही रोड (करगी) में “वंदे मातरम इंग्लिश मीडियम स्कूल” की शुरुआत की गई है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा जारी सूचना के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र के लिए Nursery से 8वीं कक्षा तक प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। स्कूल का संचालन आगामी 15 जून से शुरू किया जाएगा।


विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यहां बच्चों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित शिक्षा नहीं दी जाएगी, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बच्चों की अंग्रेजी बोलने की क्षमता बढ़ाने के लिए English Speaking पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही Cursive Writing, Personality Development और मंच संचालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास विकसित किया जाएगा।


स्कूल में आधुनिक तकनीक के माध्यम से पढ़ाई कराने के लिए प्रोजेक्टर आधारित शिक्षण व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा Activity Based Learning के जरिए बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई कराई जाएगी, जिससे शिक्षा को अधिक सरल और रोचक बनाया जा सके। विद्यालय में मजबूत बेसिक एजुकेशन, अनुशासन एवं संस्कारयुक्त शिक्षा पर भी विशेष जोर रहेगा।


विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि बच्चों को भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी प्रारंभिक स्तर से तैयार किया जाएगा। इसके तहत नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा, एकलव्य विद्यालय प्रवेश परीक्षा एवं S.O.F. Foundation Exam की तैयारी भी कराई जाएगी। स्कूल में प्रशिक्षित एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा अध्यापन कराया जाएगा।
विद्यालय द्वारा सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए एक विशेष घोषणा भी की गई है। जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं, ऐसे बच्चों को विद्यालय की ओर से पुस्तकें, स्कूल ड्रेस, वैन सुविधा तथा विद्यालय की पूरी फीस निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है।
विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए समय रहते प्रवेश सुनिश्चित करें। प्रबंधन का कहना है कि अच्छी शिक्षा ही बच्चों के सुनहरे भविष्य की सबसे मजबूत नींव होती है और इसी उद्देश्य के साथ विद्यालय की शुरुआत की गई है।















