पशु चिकित्सा सहायक को प्रशासनिक पद पर नियुक्ति:- शासन के निर्णय पर उठे सवाल

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: जिला प्रशासन द्वारा पशु चिकित्सा सहायक शलज्ञ संजय शर्मा को जनपद पंचायत पेंड्रा का प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त किए जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस नियुक्ति के पीछे शासन के निर्णय पर कई गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं, क्योंकि पशु चिकित्सा सेवा को अनिवार्य सेवा (Essential Services Maintenance Act, 1968) के अंतर्गत रखा गया है।सूत्रों के अनुसार, यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिरकार पशु चिकित्सा सहायक को इस प्रकार के प्रशासनिक पद पर नियुक्त करने की क्या आवश्यकता थी, जबकि अन्य योग्य प्रशासनिक अधिकारियों की भी उपलब्धता हो सकती थी।नागरिकों का कहना है कि पशु चिकित्सा सेवाएं आवश्यक सेवाओं में आती हैं, और ऐसे में एक विशेषज्ञ चिकित्सक को उनके मूल कर्तव्यों से हटाकर प्रशासनिक कार्यों में लगाना न केवल असंगत है, बल्कि यह पशु चिकित्सा सेवा की महत्ता को भी कम करता है।इस मामले को लेकर क्षेत्र के कई लोगों ने प्रशासन से यह जानकारी मांगी है कि पशु चिकित्सा सहायक को इस पद पर कैसे और क्यों नियुक्त किया गया। संबंधित अधिकारी अभी तक इस पर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाए हैं।इस प्रकरण में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के अंतर्गत भी आवेदन किया गया है, जिसमें यह जानकारी मांगी गई है कि संजय शर्मा की नियुक्ति किस आधार पर की गई और इसके लिए कौन से कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया है।अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण सवाल का क्या जवाब देता है और क्या यह नियुक्ति प्रशासनिक नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप की गई है।





