राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष से अर्चना पोर्ते और शंकर कंवर ने की सौजन्य मुलाकात

आदिवासी हितों और मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं को लेकर रखा गया विस्तृत प्रस्ताव
मिथलेश आयम, दिल्ली।(खबरो का राजा) :- मरवाही की समाजसेवी एवं आदिवासी नेत्री अर्चना पोर्ते और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष शंकर कंवर ने आज राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने गौरेला-पेंड्रा- मरवाही (जीपीएम) जिले के आदिवासी अंचलों की विभिन्न समस्याओं से आयोग अध्यक्ष को अवगत कराया।अर्चना पोर्ते ने विशेष रूप से ग्राम कटरा के डफनीपनी क्षेत्र में निवासरत विशेष पिछड़ी धनुहार जनजाति के लोगों की परेशानियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के निवासियों को अब तक आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र जैसी मूलभूत पहचान सुविधाएँ नहीं मिली हैं। साथ ही, पेयजल की भारी कमी से ग्रामीण जूझ रहे हैं।बैठक के दौरान अर्चना पोर्ते ने कहा कि आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा हेतु पेसा कानून का सही क्रियान्वयन, भूमि संबंधी विवादों का शीघ्र निपटारा और शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आज भी आदिवासी समाज शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक शोषण जैसी मूल समस्याओं से जूझ रहा है। इन समस्याओं के चलते आदिवासी समाज गरीबी और कुपोषण की ओर धकेला जा रहा है, जिससे उनकी जीवनशैली पर गहरा असर पड़ता है।अर्चना पोर्ते और शंकर कंवर की बातों को राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने गंभीरता से सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन सभी मुद्दों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। श्री आर्य ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ सरकार, मुख्य सचिव तथा आदिवासी विभाग के सचिव को पत्र भेजने के साथ ही दूरभाष पर चर्चा कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि आयोग की एक विशेष टीम शीघ्र ही जीपीएम जिले का दौरा करेगी, ताकि स्थल निरीक्षण के माध्यम से समस्याओं का प्रत्यक्ष समाधान सुनिश्चित किया जा सके।





