LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदुनियादेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

सरगुजा में DMF घोटाले पर बड़ा एक्शन! ₹1.32 करोड़ के विकास कार्यों पर सवाल, तत्कालीन CEO समेत 9 के खिलाफ FIR

सरगुजा में DMF घोटाले पर बड़ा एक्शन! ₹1.32 करोड़ के विकास कार्यों पर सवाल, तत्कालीन CEO समेत 9 के खिलाफ FIR

अम्बिकापुर | कागजों में विकास, जमीन पर काम गायब! DMF की राशि में कथित फर्जीवाड़े पर न्यायालय के आदेश से FIR, फर्जी बिल-वाउचर और भुगतान की जांच से मचा हड़कंप

ये खबर भी पढ़ें…
कैशलेस चिकित्सा योजना को कैबिनेट की मंजूरी, आलोक शुक्ला ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
कैशलेस चिकित्सा योजना को कैबिनेट की मंजूरी, आलोक शुक्ला ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
October 28, 2026
कैशलेस चिकित्सा योजना को कैबिनेट की मंजूरी, आलोक शुक्ला ने मुख्यमंत्री का जताया आभार रायपुर, 27 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) की राशि से कराए जाने वाले विकास कार्यों को लेकर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। केशवपुर स्थित शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय परिसर में स्वीकृत निर्माण कार्यों में कथित फर्जीवाड़े के आरोप में न्यायालय के आदेश पर मणिपुर थाना पुलिस ने तत्कालीन जनपद पंचायत अम्बिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) सहित कुल 9 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला अपराध क्रमांक 180/2026 के तहत 24 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया है।

ये खबर भी पढ़ें…
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने की सौजन्य मुलाकात*
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने की सौजन्य मुलाकात*
October 28, 2026
*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने की सौजन्य मुलाकात* *राज्योत्सव में...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इस प्रकरण ने सरकारी योजनाओं की निगरानी, निर्माण कार्यों के सत्यापन और DMF की करोड़ों रुपये की राशि के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि जांच में बताए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो बिना धरातल पर काम हुए सरकारी राशि का भुगतान आखिर किस आधार पर किया गया?

₹1.32 करोड़ के तीन कार्य, फिर भी मौके पर निर्माण नहीं मिलने का आरोप

ये खबर भी पढ़ें…
कैबिनेट का फैसला आया,PWD के ठेकेदारों को डामर पर फिर मिली राहत,नगर निगम की सड़कों पर सरकार मौन!बेलतरा की बदहाल सड़कों का समाधान आखिर कब.?
कैबिनेट का फैसला आया,PWD के ठेकेदारों को डामर पर फिर मिली राहत,नगर निगम की सड़कों पर सरकार मौन!बेलतरा की बदहाल सड़कों का समाधान आखिर कब.?
October 28, 2026
कैबिनेट का फैसला आया,PWD के ठेकेदारों को डामर पर फिर मिली राहत,नगर निगम की सड़कों पर सरकार मौन!बेलतरा की बदहाल...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

प्राप्त विवरण के अनुसार, केशवपुर स्थित संस्थान परिसर में DMF मद से तीन विकास कार्यों के लिए कुल ₹1 करोड़ 32 लाख 33 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे।

स्वीकृत कार्यों का विवरण इस प्रकार है—- गार्डन सौंदर्यीकरण एवं सीसी रोड निर्माण: ₹33.24 लाख- प्रधान पाठक कक्ष, प्रसाधन एवं बाउंड्रीवॉल निर्माण: ₹49.57 लाख- प्रवेश द्वार एवं पार्किंग शेड निर्माण: ₹49.52 लाख

इतनी बड़ी राशि से विकास कार्य प्रस्तावित होने के बावजूद जांच में मौके पर स्वीकृत निर्माण कार्य नहीं मिलने की बात सामने आई है। यदि यह निष्कर्ष आधिकारिक अभिलेखों से पुष्ट होता है, तो यह केवल निर्माण कार्यों की निगरानी में चूक का मामला नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला प्रकरण है।

फर्जी आईडी, बिल-वाउचर और मूल्यांकन रिपोर्ट से भुगतान कराने का आरोप

मामले में आरोप लगाया गया है कि GeM पोर्टल पर कथित फर्जी आईडी तैयार की गई और प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा प्रक्रिया तथा निर्धारित नियमों का पालन किए बिना बिल-वाउचर एवं मूल्यांकन प्रतिवेदन तैयार किए गए।

आरोपों के मुताबिक, इन दस्तावेजों के आधार पर 1 अगस्त 2023 को मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन के पक्ष में ₹48 लाख 36 हजार 544 रुपये का भुगतान RTGS के माध्यम से किया गया।

अब जांच का अहम बिंदु यह है कि भुगतान से पहले कार्य की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किसने किया, बिलों को किस स्तर पर मंजूरी दी गई और भुगतान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने किन दस्तावेजों के आधार पर प्रक्रिया पूरी की।

कलेक्टर की जांच में खुली कथित अनियमितता की परतें

प्रकरण की गंभीरता सामने आने के बाद जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच दल ने 7 अक्टूबर 2024 को स्थल निरीक्षण कर भौतिक सत्यापन किया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, निरीक्षण के दौरान स्वीकृत निर्माण कार्य मौके पर नहीं पाए गए।

यदि जांच रिपोर्ट में दर्ज निष्कर्षों की पुष्टि होती है, तो यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि निर्माण कार्यों के नाम पर भुगतान की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई। क्या भुगतान से पहले स्थल निरीक्षण किया गया था? क्या कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र जारी हुआ था? मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करने वाले और भुगतान स्वीकृत करने वाले अधिकारियों की भूमिका क्या थी? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगा।

न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला

अम्बिकापुर निवासी अभय नारायण पाण्डेय द्वारा अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किए जाने के बाद मामले में न्यायिक कार्रवाई हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, न्यायाधीश गुलापन राम यादव ने 8 अक्टूबर 2026 को मणिपुर थाना प्रभारी को मामला दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना करने का आदेश दिया था।

इसके बाद पुलिस ने 24 अक्टूबर 2026 को अपराध क्रमांक 180/2026 के तहत FIR दर्ज की। उपलब्ध विवरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 201, 120-B और 34 का उल्लेख है।

तत्कालीन CEO समेत 9 आरोपी नामजद

पुलिस द्वारा FIR दर्ज किया जाना आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं है। सभी आरोपियों की भूमिका, दस्तावेजों की सत्यता और कथित वित्तीय अनियमितता की वास्तविक स्थिति विवेचना तथा न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

अब सबसे बड़ा सवाल—जिम्मेदारों पर कब तय होगी जवाबदेही?

DMF का पैसा खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए खर्च किया जाता है। ऐसे में यदि स्वीकृत कार्यों के नाम पर वास्तविक निर्माण के बिना भुगतान किए जाने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सार्वजनिक धन के उपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा।

अब निगाहें मणिपुर थाना पुलिस की विवेचना और जिला प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। यह पता लगाना जरूरी है कि भुगतान की फाइल किस-किस स्तर से गुजरी, किन अधिकारियों ने सत्यापन किया, राशि का वास्तविक लाभ किसे मिला और सरकारी खजाने को हुई संभावित क्षति की भरपाई कैसे होगी।

फिलहाल इस मामले में न्यायालय के आदेश पर FIR दर्ज हो चुकी है। अब जरूरत है निष्पक्ष जांच, दस्तावेजों की गहन पड़ताल और आरोप सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की। सरकारी धन के मामले में जवाबदेही तय होना ही जनता के विश्वास की असली कसौटी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!