
कोरबा पसान : कोरबा जिले के अंतिम छोर पसान तहसील में तहसीलदार की मनमानी और अड़ियल रवैया के चलते क्षेत्र के किसान भटक रहें है 6 से 9 महीने तक बता दे की क़ई किसानो के द्वारा फैती, नामांतरण, खाता बटवारा के लिए महीनों घुमाते है और और दलालों को पैसा दे दो तो तत्काल काम करा देते है। और जो पैसा न दे तो राजस्व की नियम बता कर नियम बताते तहसीलदार लीलाधार ध्रुव और आवेदक की फाइल तहसील कार्यालय में धूल चाट रही है।
भाजपा शासन की नियम :-
भाजपा सरकार की राजस्व मामलों को जल्द निपटाने की कवायद करती है लेकिन राजस्व अफसरों की मनमानी के आगे बेकार हो रही है। दो माह में बार – बार पेशी देने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मामला निपटने में कितना समय लगेगा।





