
‘जहाँ लापरवाही,वहीं बहाली!’ वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे हैं गंभीर प्रश्न..….!
रायपुर(जीपीएम)।मरवाही वनमंडल के सधवानी परिसर में ग्रीन क्रेडिट योजना के तहत किए गए पौधारोपण, बीज रोपण और पौधों के संरक्षण कार्यों में लापरवाही और अनियमितताओं के कारण नर्सरी सहायक एवं वनरक्षक राकेश राठौर को पूर्व में विभाग द्वारा निलंबित किया गया था।
जहां सधवानी परिसर में छोटे पौधों का रोपण, बीज रोपण और रखरखाव कार्यों में गंभीर त्रुटियाँ पाई गई थीं। बड़ी संख्या में पौधों के मर जाने और कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद विभाग ने राठौर को निलंबित कर दिया था।
लेकिन हाल ही में राकेश राठौर को उसी साधवानी परिसर में नर्सरी प्रभारी के रूप में पुनः बहाल कर दिया गया है, जिससे विभागीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय जनों के बीच भी सवाल खड़े हो गए हैं।
विभाग के नियमाअनुसार,
“निलंबन अवधि समाप्त होने के बाद भी संबंधित कर्मचारी को उसी कार्यक्षेत्र में पुनः पदस्थापित नहीं किया जा सकता, जहाँ से उस पर लापरवाही या अनियमितता का आरोप लगा हो।” ऐसे में राकेश राठौर की उसी स्थान पर बहाली को नियमों के विपरीत और जनहित के प्रतिकूल बताया जा रहा है।
क्या कहता है, विभागीय चर्चा सुर्खियों में
“जितनी जांच और कार्रवाई मैदानी कर्मचारियों पर की जाती है, उतनी ही सख्ती अगर डीएफओ कार्यालय में पदस्थ शाखा प्रभारियों और लिपिकों पर की जाए, तो करोड़ों के घोटाले सामने आ सकते हैं। अधिकांश स्वीकृत कार्यों की सामग्री खरीदी में भ्रष्टाचार की जड़ें ऊपर तक फैली हुई हैं।”
सूत्र बताते है कि उच्च अधिकारियों के स्तर पर इस तरह की नियमविरुद्ध बहालियों और ढिलाईपूर्ण निर्णयों से अनुशासनहीनता को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे ईमानदार कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और लापरवाह कर्मचारियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
“डीएफओ ग्रीष्मी चांद” ने विभाग के किस नियमों के तहत, उसी जगह पर बहाली किया गया है, राकेश राठौर ने उसी जगह पर लापरवाही के कारण निलंबन हुआ था, उनको डीएफओ ने अभय दान देकर उसी जगह नर्सरी में बहाली कर दिया गया है आखिर नियम क्या कहता है.. असंभव को संभव बनाया गया…! मारवाही वनमंडल बना चर्चा का विषय





