शिक्षा नहीं, यातना या मासूमों पर जुल्म, सरस्वती शिशु मंदिर में मासूम बच्चों पर क्रूरता का तस्वीर वायरल..?

कोरबा/पसान(खबरो का राजा) : कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के अंतर्गत संचालित सरस्वती शिशु मंदिर पसान से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। जहां स्कूल में पढ़ने वाले मासूम, गरीब एवं आदिवासी बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप और एक फोटो सोशल मिडिया में वायरल हो रहा हैं। अभिभावकों और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है
कि विद्यालय में पदस्थ प्राचार्य संतोष पटेल और कुछ शिक्षक बच्चों को क्रूरतापूर्ण, निर्दयी और अपमानजनक तरीकों से कठोर दंड दे रहे हैं, जो न केवल शिक्षा के मूल उद्देश्य के विपरीत है, बल्कि मानव गरिमा का भी खुला उल्लंघन है। सूत्रों के मुताबिक बच्चों पर अनुशासन के नाम पर ऐसी सज़ाएँ दी जा रही हैं, जो शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें चोट पहुंचाया जा रहा हैं। कई बच्चों ने बताया कि उन्हें कई प्रकार के कठोर सजा दी जाती है, और छोटी-छोटी गलतियों पर कठोर दण्ड दिया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कृत्य जानवरों जैसा व्यवहार है, जो किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। ग्रामीणों का मानना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे गरीब, वंचित और आदिवासी समुदाय से आते हैं, जिस कारण उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। बच्चों की मासूमियत और उनके अधिकारों की लगातार अनदेखी हो रही है। इस तरह की अमानवीय सज़ाएँ न केवल बच्चों के भविष्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि उनके मन में शिक्षा और स्कूल के प्रति भय भी पैदा करती हैं।मामले की जानकारी मिलते ही अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बाल संरक्षण विभाग से आग्रह किया है कि विद्यालय की जांच कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे के साथ इस प्रकार की क्रूरता ना दोहराई जाए।





