कांग्रेस संगठन की नियुक्ति पर उठे सवाल: मनेंद्रगढ़ के नेता को बना दिया जीपीएम ओबीसी प्रकोष्ठ अध्यक्ष !

कांग्रेस संगठन की नियुक्ति पर उठे सवाल: मनेंद्रगढ़ के नेता को बना दिया जीपीएम ओबीसी प्रकोष्ठ अध्यक्ष !
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। Indian National Congress के ओबीसी प्रकोष्ठ में हुई नई नियुक्तियों को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी दिल्ली (ओबीसी प्रकोष्ठ) द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जीपीएम जिले को लेकर हो रही है, जहां मनेंद्रगढ़ जिले के एक व्यक्ति को जीपीएम जिला ओबीसी प्रकोष्ठ का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया।


इस नियुक्ति के बाद राजनीतिक गलियारों में कई सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कांग्रेस संगठन से इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या नियुक्ति से पहले स्थानीय संगठन और जिला इकाई से राय नहीं ली गई? या फिर संगठन में जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है?

स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच भी इस फैसले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या जीपीएम जिले में ओबीसी वर्ग का कोई सक्रिय और योग्य कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं था, जिसे जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती थी? वर्षों से संगठन के लिए काम कर रहे स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की नियुक्तियां संगठनात्मक समन्वय की कमी को दर्शाती हैं और इससे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है। अब देखना होगा कि कांग्रेस संगठन इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देता है और क्या नियुक्ति में किसी प्रकार का संशोधन किया जाता है या नहीं।
















