छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन, मेडिकल कैशलेस सुविधा की मांग को मिला केंद्रीय मंत्री का आश्वासन

छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन, मेडिकल कैशलेस सुविधा की मांग को मिला केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही।जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही के प्रवास पर आए केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के हाथों आज छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के वार्षिक कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया गया। यह कार्यक्रम जिला मुख्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कैलेंडर विमोचन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के साथ मरवाही विधायक प्रणव मरपश्चि तथा जिला कलेक्टर कमलेश मंडावी की गरिमामयी उपस्थिति रही। जिला कार्यकारिणी की मौजूदगी में यह कार्यक्रम जिला अध्यक्ष सचिन तिवारी एवं संरक्षक नागेंद्र मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान कर्मचारी संघ के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें पीयूष कुमार गुप्ता, विशाल सिंह, अशोक पांडे, संजय सोनी, उदय भारती तथा गौरेला ब्लॉक अध्यक्ष तुलसीराम महिलांगे प्रमुख रूप से शामिल थे।
मेडिकल कैशलेस सुविधा की मांग, केंद्रीय मंत्री को सौंपा ज्ञापन
इसी प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ मेडिकल कैशलेस कर्मचारी कल्याण संघ के प्रदेश संयोजक पीयूष गुप्ता एवं जिला संयोजक संजय सोनी ने केंद्रीय मंत्री तोखन साहू से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के समस्त शासकीय कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों के लिए मेडिकल कैशलेस सुविधा शीघ्र लागू करने की मांग रखी।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में कर्मचारियों को इलाज के दौरान आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से प्रदेश के लगभग 5 लाख कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपकर औपचारिक रूप से मांग रखी गई।
जल्द मिलेगी सौगात: केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने कर्मचारियों की मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ के समस्त कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को मेडिकल कैशलेस सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना वर्तमान में प्रक्रियाधीन है और जल्द ही छत्तीसगढ़ सरकार कर्मचारियों को यह बड़ी सौगात देगी।
केंद्रीय मंत्री के इस आश्वासन के बाद कर्मचारी संगठनों में उत्साह का माहौल देखा गया और पदाधिकारियों ने इसे कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।















