LIVE UPDATE
झमाझम खबरें

वन सचिव से अभद्रता पड़ी भारी! IFS मनीष कश्यप निलंबित अनुशासनहीन अधिकारी पर दूसरी बार गिरी गाज, सरकार का कड़ा संदेश

वन सचिव से अभद्रता पड़ी भारी! IFS मनीष कश्यप निलंबित

अनुशासनहीन अधिकारी पर दूसरी बार गिरी गाज, सरकार का कड़ा संदेश

ये खबर भी पढ़ें…
लापरवाही बर्दाश्त नहीं,व्याख्याता पायल कौशले, पर गिरी गाज,जिला कलेक्टर के निर्देश पर, शिक्षा विभाग की बड़ी कार्यवाही
लापरवाही बर्दाश्त नहीं,व्याख्याता पायल कौशले, पर गिरी गाज,जिला कलेक्टर के निर्देश पर, शिक्षा विभाग की बड़ी कार्यवाही
September 30, 2026
लापरवाही बर्दाश्त नहीं,व्याख्याता पायल कौशले, पर गिरी गाज,जिला कलेक्टर का कड़ा ऐक्शन  कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में शिक्षा...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

रायपुर।छत्तीसगढ़ प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वन सचिव से फोन पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोपों में मनेंद्रगढ़ वनमंडलाधिकारी (DFO) मनीष कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई उस शिकायत के बाद हुई, जो सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुँची, जिसके बाद राज्य सरकार ने बिना किसी ढिलाई के सख्त कदम उठाया।

केंद्र की बैठक, जानकारी मांगना पड़ा भारी…!

ये खबर भी पढ़ें…
सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क? लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे स्कूली बच्चे
सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क? लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे स्कूली बच्चे
September 30, 2026
सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क? लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे स्कूली बच्चे मरवाही मुख्य...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित थी, जिसकी तैयारियों को लेकर वन सचिव द्वारा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक सूचनाएं संकलित की जा रही थीं। इसी क्रम में वन सचिव ने मनेंद्रगढ़ डीएफओ मनीष कश्यप से फोन पर जानकारी मांगी।

आरोप है कि इस दौरान डीएफओ ने मर्यादाहीन, असंयमित और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया, जो एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के आचरण के सर्वथा विपरीत है।

ये खबर भी पढ़ें…
कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी! मेडिकल कैशलेस सुविधा लागू नहीं होने से नाराज कर्मचारी संगठन
कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी! मेडिकल कैशलेस सुविधा लागू नहीं होने से नाराज कर्मचारी संगठन
September 30, 2026
कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी! मेडिकल कैशलेस सुविधा लागू नहीं होने से नाराज कर्मचारी संगठन रायपुर। छत्तीसगढ़...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मुख्यमंत्री तक पहुँचा मामला, तुरंत हुई कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत को सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे प्रशासनिक अनुशासन का उल्लंघन मानते हुए तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित विभाग को निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। आदेश जारी होते ही डीएफओ मनीष कश्यप को पद से हटा दिया गया।

पहले भी विवादों से रहा है नाता

गौरतलब है कि मनीष कश्यप का नाम इससे पहले भी अनुशासनहीनता और कार्यशैली को लेकर विवादों में रहा है। पिछली सरकार के कार्यकाल में जब वे सूरजपुर जिले में डीएफओ के पद पर पदस्थ थे, तब ग्रामीणों की लगातार शिकायतों और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें निलंबित किया था। इस प्रकार मनीष कश्यप को अपने सेवाकाल में दूसरी बार निलंबन की कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ा है, जिससे उनकी प्रशासनिक साख पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है।

अनुशासन सर्वोपरि, कोई रियायत नहीं

राज्य सरकार के इस कदम को लेकर प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रशासन के लिए कड़ा और स्पष्ट संदेश है। सरकार ने साफ कर दिया है कि वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभद्रता, शासकीय कार्य में असहयोग और अनुशासनहीन आचरण किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज

डीएफओ के निलंबन के बाद वन विभाग सहित पूरे प्रशासनिक तंत्र में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। अधिकारी वर्ग में यह संदेश साफ है कि सरकारी पद अनुशासन और मर्यादा की जिम्मेदारी के साथ आता है, न कि मनमानी के अधिकार के साथ।

Back to top button
error: Content is protected !!