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धौराटीकरा धान खरीदी केंद्र में गंभीर अनियमितताओं की आशंका, धान की कमी और हमाली वसूली पर उठे सवाल

धौराटीकरा धान खरीदी केंद्र में गंभीर अनियमितताओं की आशंका, धान की कमी और हमाली वसूली पर उठे सवाल

कोरिया। धौराटीकरा सहकारी समिति अंतर्गत संचालित धान खरीदी केंद्र में एक बार फिर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। 15 नवम्बर से 31 जनवरी तक चले धान खरीदी सत्र के दौरान धान की कमी, हमाली के नाम पर अवैध वसूली, एडजस्टमेंट और कथित सेटिंग का खेल जमकर चलने की बातें सामने आ रही हैं। गुप्त सूत्रों का दावा है कि खरीदी अवधि के दौरान किसानों और परिवहन से जुड़े लोगों से हमाली के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूली गई।

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सूत्रों के अनुसार, प्रति सप्ताह शनिवार को होने वाले भौतिक सत्यापन के दौरान जांच अधिकारी बार-बार समिति में धान का सत्यापन करते रहे, इसके बावजूद धान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि सत्यापन प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह गई, जिससे गड़बड़ियों पर समय रहते रोक नहीं लग पाई।

गुप्त सूत्रों की मानें तो वर्तमान समय में भी धौराटीकरा धान खरीदी केंद्र में धान की कमी बनी हुई है। यदि जिम्मेदार अधिकारी निष्पक्ष और गहन जांच करें तो धान की कमी का खुलासा निश्चित रूप से हो सकता है। सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि समिति से सेवा समाप्त किए गए कर्मचारी अजय साहू के कथित हस्तक्षेप के कारण ही धान की कमी की स्थिति उत्पन्न हुई। उनके प्रभाव और दखल से व्यवस्थाएं प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं, भविष्य में धान उठाव (लिफ्टिंग) के दौरान भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पूर्व में एक-दो बार इस तरह की अनियमितताएं हो चुकी हैं और आगे भी इनके दोहराए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों में इस पूरे मामले को लेकर रोष है। उनका कहना है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में पारदर्शिता और सख्त निगरानी बेहद जरूरी है। अब निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभाग पर टिकी हैं कि वे कब तक इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं।

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