
“स्कूलों की मनमानी पर लगा ब्रेक: 48 घंटे में काम नहीं तो मान्यता खत्म करने का आदेश तैयार!”
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। शिक्षा विभाग अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिख रहा है। मिड-डे मील (एमडीएम) जैसे संवेदनशील मुद्दे पर लापरवाही बरतने वाले निजी स्कूलों को जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी (DEO) ने सीधी चेतावनी दे दी है—“48 घंटे में काम पूरा करो, नहीं तो मान्यता खत्म समझो!”
जारी आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि नवचेतना केरला अंग्रेजी माध्यम कोटमी, कन्या हाई स्कूल अंग्रेजी माध्यम पेंड्रा और रंजीत शिशु मंदिर मरवाही ने एमडीएम कार्य में न केवल लापरवाही बरती, बल्कि विभागीय निर्देशों की खुलेआम अनदेखी की। यह स्थिति तब है, जब एमडीएम योजना बच्चों के पोषण और उपस्थिति से सीधे जुड़ी हुई है।
DEO के आदेश ने यह भी उजागर कर दिया कि संबंधित स्कूलों ने अब तक शासन के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। यही वजह है कि अब विभाग को सख्त रुख अपनाना पड़ा। आदेश में दो टूक शब्दों में कहा गया है कि यदि दो दिन के भीतर कार्य पूर्ण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया, तो सीधे मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी—बिना किसी और चेतावनी के।
इस कार्रवाई से शिक्षा जगत में हलचल तेज हो गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर कब तक ऐसे स्कूल नियमों की धज्जियां उड़ाते रहेंगे और विभाग चुप बैठा रहेगा? क्या यह पहली बार है जब सख्ती दिखाई जा रही है, या फिर पहले की अनदेखी अब उजागर हो रही है?
















