उत्सवपूर्ण माहौल में घोषित हुए शासकीय प्राथमिक शाला उपका स्कूल के परीक्षा परिणाम, बच्चों के चेहरों पर छाई खुशी की चमक

जीशान अंसारी की रिपोर्ट बिलासपुर(कोटा) : शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला और शासकीय प्राथमिक शाला उपका में शिक्षा के इस महत्वपूर्ण पड़ाव को एक उत्सव के रूप में मनाया गया। हाल ही में विद्यालय में कक्षा 1, 2, 3, 4, 6 एवं 7 के वार्षिक परीक्षा परिणाम बेहद ही हर्षोल्लास और उत्सवपूर्ण माहौल में घोषित किए गए। साल भर की कड़ी मेहनत के बाद अपने परिणाम और ग्रेड जानकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे, जिससे पूरे विद्यालय परिसर में जश्न का वातावरण बन गया।
भव्य आयोजन और गाँव की सहभागिता :-

इस अवसर को खास बनाने के लिए शाला परिवार ने एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया था। ग्रेड-वाइज परीक्षा परिणाम वितरण के दौरान बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए शाला परिवार के सभी सदस्यों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मध्याह्न भोजन समिति के पदाधिकारी, गाँव के प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के पालक उपस्थित रहे।
अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति :-

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती राम कुमारी उरेती ने शिरकत की। उनके साथ गाँव के सम्मानित प्रबुद्धजन फेकू राम जयसवाल, बलदाऊ दुबे (वरिष्ठ कार्यकर्ता, भाजपा), मंडली राम, ईश्वर सिंह और सती राम ओट्टी भी मौजूद रहे। इसके अलावा अतिथि शिक्षक रवि पैकरा व मोनिका मार्को, मध्याह्न भोजन समिति की अध्यक्ष राम बाई सचिन एवं जलेश्वरी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तिलमती ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
प्रेरणादायक संबोधन और उत्साहवर्धन :-

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरपंच एवं उपस्थित सभी अतिथियों ने परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सभी नन्हे-मुन्ने बच्चों को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, शाला के शिक्षकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर मेहनत, कड़े अनुशासन और सच्ची लगन के साथ शिक्षा के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मिठाई वितरण के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम :-
इस आनंदमय आयोजन का समापन बेहद मीठे अंदाज में हुआ। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी बच्चों, पालकों और अतिथियों के बीच मिठाई का वितरण किया गया और सभी ने मिलकर बच्चों के साथ खुशियां साझा कीं। ग्रामवासियों और शाला परिवार की इस एकजुटता ने बच्चों के इस दिन को और भी यादगार बना दिया।













