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जनजातीय उत्थान पर बड़ा फोकस: नक्सल मुक्त क्षेत्रों में तेज़ होगा विकास, ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ जल्द

जनजातीय उत्थान पर बड़ा फोकस: नक्सल मुक्त क्षेत्रों में तेज़ होगा विकास, ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ जल्द

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक सम्पन्न

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रायपुर, 29 अप्रैल 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर, जो भौगोलिक रूप से केरल से भी बड़ा क्षेत्र है, दशकों तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब वहां योजनाओं का तीव्र विस्तार हो रहा है और विकास की नई धारा स्थापित हो रही है।

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मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देवगुड़ी और सरना स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के माध्यम से प्रदेश के 6600 गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं, जबकि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।

बैठक में “नियद नेल्ला नार योजना” की उल्लेखनीय सफलता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके अगले चरण के रूप में “नियद नेल्ला नार 2.0” को शीघ्र लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पहल के माध्यम से सुदूर अंचलों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना” के तहत 36 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का कार्य निरंतर प्रगति पर है।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय भूमि के दीर्घकालीन लीज पर दोहन के मामलों की जांच के निर्देश दिए। साथ ही कोरवा और संसारी उरांव जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को शीघ्र केंद्र सरकार को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।

शिक्षा और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रावासों की सीट वृद्धि, उनके बेहतर रखरखाव तथा शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए त्वरित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और खुले में कक्षाएं संचालित न करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

अम्बिकापुर नेशनल हाईवे के निर्माण में हो रही धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात के दौरान कटने वाले मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। 

आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ जनजातीय अंचलों में लंबे समय तक नक्सलवाद विकास की सबसे बड़ी बाधा बना रहा। बीते चार दशकों की इस चुनौती से मुक्ति मिलने के बाद अब इन क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी एवं तेज क्रियान्वयन संभव हो सका है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अब जनजातीय समुदाय तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

श्री नेताम ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवेदनशील मुद्दों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बसाहटों तक अब बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। साथ ही नए छात्रावासों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे उनके समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव मरपच्ची, विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक श्री विक्रम उसेंडी, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, विधायक श्री आशाराम नेताम, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं परिषद के सदस्य उपस्थित थे।

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