कोटमी-मरवाही मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार का कहर: ट्रेलर की चपेट में आने से 10 मवेशियों की मौत, यातायात पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल

मिथलेश आयम, जीपीएम। जिले के कोटमी से मरवाही मुख्य मार्ग पर बेलगाम दौड़ रहे भारी और तेज रफ्तार वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है।आज रात लगभग 9 से 10 बजे के करीब एक बार फिर इस मार्ग पर रफ्तार का खूनी खेल देखने को मिला, जहां एक अनियंत्रित ट्रेलर ने सड़क पर बैठे व जा रहे लगभग 10 मवेशियों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कई मवेशियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह कोई पहली घटना नहीं है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि इस मुख्य मार्ग पर आए दिन ऐसी दुर्घटनाएं आम हो चुकी हैं। तेज रफ्तार वाहन न सिर्फ बेजुबान जानवरों के लिए काल बन रहे हैं, बल्कि राहगीरों और स्थानीय निवासियों की जान पर भी लगातार खतरा बना हुआ है।
प्रशासन और यातायात पुलिस की मौन विकृति :-

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। सबसे बड़ा सवाल जिले की यातायात व्यवस्था और जीपीएम यातायात पुलिस की कार्य पर खड़ा हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है सड़क व्यवस्था में सुधार नहीं बार-बार हो रहे हादसों के बावजूद यातायात पुलिस और जिम्मेदार विभाग की ओर से इस मार्ग पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। गति सीमा पर कोई नियंत्रण नहीं मुख्य मार्ग होने के कारण यहाँ से चौबीसों घंटे भारी वाहन गुजरते हैं, लेकिन उनकी गति सीमा (Speed Limit) तय करने या उन पर कार्रवाई करने वाला कोई नहीं है। स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड का अभाव संवेदनशील रिहायशी इलाकों और मवेशियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) और चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। ”सड़कें अब चलने लायक नहीं, बल्कि मौत का गलियारा बन चुकी हैं। हर दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन जीपीएम यातायात पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दिए है अगर जल्द ही भारी वाहनों की रफ्तार पर लगाम नहीं कसी गई और कोटमी-मरवाही मार्ग की सडक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो हम चक्काजाम करने को मजबूर होंगे। “अब देखना यह है कि इस गंभीर हादसे और जनता के बढ़ते आक्रोश के बाद क्या जीपीएम यातायात पुलिस की कुछ सुधार कर पाते है या फिर किसी और बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है।
















