
विधानसभा मानसून सत्र में गूंजेगी कैशलेस चिकित्सा योजना की मांग, मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर स्वास्थ्य सचिव तक सौंपा गया ज्ञापन
रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों के लिए बहुप्रतीक्षित कैशलेस चिकित्सा योजना को शीघ्र प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग अब तेज हो गई है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम मुख्यमंत्री सचिवालय, मुख्य सचिव एवं स्वास्थ्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित कैशलेस चिकित्सा योजना को तत्काल लागू करने की मांग की।
संघ के संरक्षक राकेश कुमार सिंह, प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती उषा चंद्राकर, रायपुर संभागीय अध्यक्ष देव कुमार साहू, दुर्ग संभागीय अध्यक्ष पंकज राठौर के नेतृत्व में तथा प्रदेश के सभी संभागीय अध्यक्षों और जिला संयोजकों की उपस्थिति में यह ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में सरकार से आग्रह किया गया कि कैशलेस चिकित्सा योजना को तत्काल मंत्रिमंडल से अनुमोदित कर इसकी नियमावली जारी की जाए, ताकि प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों एवं उनके आश्रित परिवारों को बिना किसी विलंब के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सके।
संघ ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा कर लाखों कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था, लेकिन अब तक योजना का क्रियान्वयन शुरू नहीं हो पाया है। इसके कारण कर्मचारियों को गंभीर बीमारी एवं उपचार के दौरान आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के जनप्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया कि आगामी विधानसभा मानसून सत्र में इस महत्वपूर्ण विषय को प्रमुखता से उठाया जाए, ताकि सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित हो और योजना के क्रियान्वयन में आ रही प्रशासनिक एवं प्रक्रियात्मक बाधाओं को जल्द दूर किया जा सके।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार विभिन्न मंत्रियों एवं विधायकों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि वे विधानसभा के मानसून सत्र में कर्मचारियों की इस महत्वपूर्ण मांग को प्रमुखता से उठाएंगे तथा योजना को जल्द लागू कराने के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पहल करेंगे।

प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती उषा चंद्राकर एवं संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा योजना कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके लागू होने से गंभीर बीमारी की स्थिति में कर्मचारियों को आर्थिक चिंता से राहत मिलेगी और उन्हें समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित इस मांग पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेते हुए जल्द ही कैशलेस चिकित्सा योजना को धरातल पर उतारेगी, जिससे प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।
ज्ञापन अभियान को शासन स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद संघ के पदाधिकारियों में उत्साह का माहौल देखा गया। संघ के संरक्षक राकेश कुमार सिंह ने उम्मीद जताई कि कर्मचारियों के हित से जुड़ा उनका यह महत्वपूर्ण सपना जल्द ही साकार होगा और प्रदेश के कर्मचारियों को कैशलेस उपचार की सुविधा का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।















