
भूजल स्तर बढ़ाने रूमगा पंचायत की बड़ी पहल, 4000 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच से प्रतिदिन 59.40 लाख लीटर वर्षा जल जमीन के भीतर होगा संरक्षित; 4110 मानव दिवस का रोजगार सृजित
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। बारिश की हर बूंद को सहेजकर भविष्य के जल संकट से निपटने की दिशा में जिले की ग्राम पंचायत रूमगा एक महत्वपूर्ण पहल कर रही है। VB-G RAM-G योजना के तहत जनपद पंचायत मरवाही की ग्राम पंचायत रूमगा में 4000 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (Staggered Contour Trench) का निर्माण कराया जा रहा है। इस कार्य का उद्देश्य वर्षा जल को बहकर व्यर्थ जाने से रोकना और उसे जमीन के भीतर पहुंचाकर भूजल स्तर में वृद्धि करना है। विभागीय जानकारी के अनुसार, इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा होने पर प्रतिदिन लगभग 59 लाख 40 हजार लीटर पानी भूमि के भीतर परकोलेट होने की क्षमता विकसित होगी। खास बात यह है कि जल संरक्षण के इस कार्य से ग्रामीण मजदूरों को अब तक 4110 मानव दिवस का रोजगार भी उपलब्ध हुआ है।


वर्षा जल संरक्षण से बढ़ेगा भूजल स्तर
ग्राम पंचायत रूमगा में बनाए जा रहे 4000 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच पहाड़ी एवं ढलान वाले क्षेत्रों में वर्षा के पानी को नियंत्रित करने और उसकी गति कम करने में सहायक होंगे। सामान्यतः बारिश का पानी तेज बहाव के साथ बहकर नालों और निचले क्षेत्रों में चला जाता है, जिससे उसका पर्याप्त उपयोग जमीन के भीतर जल पुनर्भरण के रूप में नहीं हो पाता। कंटूर ट्रेंच के माध्यम से पानी को रोककर धीरे-धीरे जमीन में समाहित करने की व्यवस्था की जाती है। इससे भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में क्षेत्र के कुओं, हैंडपंपों तथा अन्य जलस्रोतों के जलस्तर में सुधार की संभावना बनेगी।


कार्यक्रम अधिकारी समीर ध्रुव ने बताया जल संरक्षण का महत्व
कार्यक्रम अधिकारी समीर ध्रुव ने बताया कि वर्तमान समय में भूजल स्तर को बनाए रखना और वर्षा जल का अधिकतम उपयोग करना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से ग्राम पंचायत रूमगा में 4000 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण कराया जा रहा है। बारिश के पानी को बहने से रोककर जमीन के भीतर पहुंचाने से भूजल पुनर्भरण में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस कार्य से जल संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस तरह के कार्य भविष्य में जल संकट को कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
तकनीकी सहायक जगेंद्र मरावी ने समझाई कंटूर ट्रेंच की उपयोगिता
तकनीकी सहायक जगेंद्र मरावी के अनुसार, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच निर्माण का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक ढलान के अनुरूप वर्षा जल को रोकना और उसके बहाव की गति को कम करना है। इससे मिट्टी का कटाव रोकने में भी मदद मिलती है और बारिश का पानी धीरे-धीरे भूमि के अंदर समाहित होता है। ग्राम पंचायत रूमगा में 4000 ट्रेंच का निर्माण इसी तकनीकी उद्देश्य को ध्यान में रखकर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन संरचनाओं से वर्षा जल का बेहतर प्रबंधन होगा और क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।

जल संरक्षण के साथ 4110 मानव दिवस का रोजगार
इस परियोजना की खास उपलब्धि यह भी है कि इससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है। ग्राम पंचायत रूमगा में कंटूर ट्रेंच निर्माण के माध्यम से अब तक 4110 मानव दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इससे ग्रामीण श्रमिकों को गांव में ही काम मिल रहा है और उनकी आजीविका को सहारा मिल रहा है। एक ओर जहां प्राकृतिक जल संसाधनों को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों को रोजगार से जोड़कर गांव के विकास को भी गति दी जा रही है।
जल संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय पहल
ग्राम पंचायत रूमगा में 4000 स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच का निर्माण जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को एक साथ जोड़ने वाला महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में भी इस तरह के कार्य वैज्ञानिक तरीके से कराए जाएं और निर्मित संरचनाओं का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, तो आने वाले वर्षों में भूजल स्तर सुधारने तथा गर्मी के दिनों में जल संकट कम करने में मदद मिल सकती है।
बारिश की हर बूंद को सहेजने की पहल, रूमगा पंचायत में जल संरक्षण के साथ ग्रामीणों के लिए रोजगार का भी बन रही आधार।















