
आयुष्मान योजना में लापरवाही पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन! दो आयुष्मान ऑपरेटरों की बर्खास्तगी के निर्देश,
गौरेला पेंड्रा मरवाही – आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और असंतोषजनक प्रगति को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों की संख्या के मुकाबले आयुष्मान योजना के तहत लाभान्वित मरीजों और क्लेम की संख्या में भारी कमी सामने आने पर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने बड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

30 अक्टूबर को जिला चिकित्सालय के सभाकक्ष में आयोजित जीवन दीप समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक में योजना की समीक्षा के दौरान कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे। समीक्षा में आयुष्मान योजना के क्लेम में कमी और कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जीवन दीप समिति के आयुष्मान ऑपरेटर अजय कुमार राठौर और अक्षय गुप्ता को बर्खास्त करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने असंतोषजनक कार्यप्रगति को गंभीरता से लेते हुए दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार बर्खास्तगी की कार्रवाई करने को कहा। प्रशासन का स्पष्ट रुख है कि आयुष्मान योजना जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सवाल यह है कि जब जिला अस्पताल में मरीज भर्ती हो रहे थे, तो उसी अनुपात में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों को लाभ क्यों नहीं मिल पा रहा था? क्लेम प्रक्रिया में कमी और अभिलेखों के संधारण में लापरवाही के कारण पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ मिलने में बाधा क्यों आई?
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पात्र मरीजों के उपचार से संबंधित दस्तावेजों का व्यवस्थित संधारण और क्लेम की प्रक्रिया समय पर पूरी होनी चाहिए, ताकि कोई भी मरीज जानकारी या प्रक्रिया की कमी के कारण आयुष्मान भारत योजना के लाभ से वंचित न रहे।

अब देखना होगा कि बर्खास्तगी के निर्देशों के बाद अस्पताल की आयुष्मान व्यवस्था में कितना सुधार आता है और पात्र मरीजों को योजना का लाभ कितनी तेजी से मिलने लगता है।















