
छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों और पेंशनर्स के DA पर सियासी-प्रशासनिक सवाल! केंद्र में 63%, प्रदेश में 58% पर अटकी महंगाई राहत, राज्य सरकार से देय तिथि से भुगतान की मांग
मोदी की गारंटी लागू करने में राज्य सरकार विफल – राजेश चटर्जी, आलोक शुक्ला ने पूछा- क्या छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों और पेंशनर्स पर महंगाई का असर नहीं पड़ता?

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (DA) एवं महंगाई राहत (DR) को लेकर एक बार फिर राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते में वृद्धि का लाभ दिए जाने के बाद छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों में भी केंद्र के समान DA/DR लागू करने की मांग तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने राज्य सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनर्स के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए देय तिथि से महंगाई भत्ता स्वीकृत करने की मांग उठाई है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी एवं प्रदेश संगठन सचिव आलोक शुक्ला ने सवाल उठाया है कि जब केंद्र और छत्तीसगढ़ दोनों जगह कार्यरत कर्मचारियों पर महंगाई का प्रभाव एक समान पड़ता है, तो फिर महंगाई भत्ते के मामले में राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को केंद्र के बराबर लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है? उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को लगातार महंगाई राहत का लाभ दे रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ में कर्मचारी और पेंशनर्स अब भी कम दर पर महंगाई भत्ता प्राप्त करने को मजबूर हैं।

केंद्र में 63 प्रतिशत DA/DR, छत्तीसगढ़ में महज 58 प्रतिशत
फेडरेशन के पदाधिकारियों के अनुसार भारत सरकार ने 1 जुलाई 2026 से महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। इसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों एवं पेंशनर्स का DA/DR बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया है। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को जनवरी 2026 से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत मिल रही है।

फेडरेशन का कहना है कि केंद्र सरकार ने जुलाई 2025 से 58 प्रतिशत DA/DR लागू किया था, जबकि छत्तीसगढ़ सरकार ने इसी दर को जनवरी 2026 से स्वीकृत किया। यानी केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के बीच महंगाई भत्ते की दर में अंतर के साथ-साथ भुगतान की प्रभावी तिथि को लेकर भी बड़ा अंतर बना हुआ है।
AICPI के 12 महीने के आंकड़ों के आधार पर बढ़ा महंगाई भत्ता
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में वृद्धि का आधार अखिल भारतीय औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़े हैं। जुलाई 2025 से जून 2026 तक के 12 महीनों के सूचकांक का औसत 148.65 रहा है। इसी के गणितीय आकलन के आधार पर जुलाई 2026 से महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
उन्होंने इन आंकड़ों का विवरण देते हुए बताया कि जुलाई 2025 में AICPI-IW 146.5, अगस्त में 147.1, सितंबर में 147.3, अक्टूबर में 147.7, नवंबर में 148.2, दिसंबर में 148.2, जनवरी 2026 में 148.6, फरवरी में 148.5, मार्च में 149.1, अप्रैल में 149.9, मई में 150.8 तथा जून 2026 में 151.9 रहा।
इन आंकड़ों के आधार पर केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में वृद्धि का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य लगातार बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करना तथा कर्मचारियों और पेंशनर्स की क्रय शक्ति को बनाए रखना है।
16 महीने से 58 प्रतिशत पर भुगतान, केंद्र के मुकाबले राज्य के कर्मचारी पीछे
राजेश चटर्जी एवं आलोक शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत और जुलाई 2026 से 63 प्रतिशत DA/DR की दर लागू कर चुकी है। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के कर्मचारी एवं पेंशनर्स अभी भी 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता एवं राहत प्राप्त कर रहे हैं।
फेडरेशन के अनुसार जुलाई 2025 से अक्टूबर 2026 तक की अवधि में राज्य सरकार के कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत तथा जुलाई 2026 से 63 प्रतिशत DA/DR स्वीकृत करने के मामले में राज्य सरकार की ओर से अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने कहा कि महंगाई किसी राज्य की सीमा देखकर नहीं बढ़ती। बाजार में खाद्य सामग्री, पेट्रोलियम पदार्थ, दवाइयों, शिक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों का प्रभाव केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों पर समान रूप से पड़ता है। इसके बावजूद महंगाई भत्ते के मामले में राज्य के कर्मचारियों को पीछे रखना समझ से परे है।
मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से देय तिथि से DA/DR देने की मांग
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मांग की है कि केंद्रीय कर्मचारियों के समान राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को भी महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का लाभ दिया जाए। फेडरेशन ने जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत तथा जुलाई 2026 से 63 प्रतिशत DA/DR स्वीकृत करने के साथ देय तिथि से एरियर्स भुगतान की मांग की है।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने यह भी याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव 2023 के पूर्व वर्तमान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने वीडियो संदेश में महंगाई भत्ते को कर्मचारियों का मौलिक अधिकार बताया था। ऐसे में अब जब राज्य में भाजपा की सरकार है, तो कर्मचारियों को चुनावी वादों और मोदी की गारंटी के अनुरूप लाभ मिलने की अपेक्षा है।
कर्मचारियों के अधिकारों पर सरकार कब लेगी फैसला?
फेडरेशन के प्रदेश संगठन सचिव आलोक शुक्ला ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि की मांग को लेकर अपनी बात रखी है। संगठन ने मुख्यमंत्री से इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है। फेडरेशन का कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई से राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है। केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के बीच DA/DR का अंतर समाप्त कर समान लाभ दिया जाना चाहिए।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं राहत का लाभ दे रही है, तो छत्तीसगढ़ सरकार अपने कर्मचारियों को समान लाभ देने में देरी क्यों कर रही है? क्या राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई से राहत पाने का समान अधिकार नहीं है? अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्णय पर टिकी हैं।















