कोविड-19 के नाम पर भी साढे 3 लाख की बंदरबांट सचिव और रोजगार सचिव की भी संलिप्तताकार्यवाही के लिए राज्य शासन को जांच रिपोर्टभेजने के निर्देश

कोविड-19 के नाम पर भी साढे 3 लाख की बंदरबांट सचिव और रोजगार सचिव की भी संलिप्तताकार्यवाही के लिए राज्य शासन को जांच रिपोर्टभेजने के निर्देश
जशपुर। पत्थलगांव ब्लाक के ग्रामपंचायत जामझोर में आर्थिक अनियमितता मामले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सरपंच जयमति पैंकरा को पंचायती राज अधिनियम की धारा 39 (1) के अंतर्गरत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पंचायत के पूर्व सचिव घांसी राम पैंकरा के विरूद्ध कारवाई के लिए जनपद पंचायत पत्थलगांव के सीईओ को निर्देश दिया गया है।
इस पूरे मामले की शिकायत ग्राम पंचायत जामझोर की उप सरपंच ने महन्ती मिंज, पंच कैलाश यादव, रूखमणी पैंकरा, उर्मिला बाई, मनप्यारी,पुनियारो और विजय कुमार ने कलेक्टर डा रवि मित्तल से शिकायत कर जांच की मांग की थी। कलेक्टर के निर्देश पर पत्थलगांव के जनपद पंचायत के सीईओ ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। इस समिति में कार्यक्रम अधिकारी गोवर्धन नायक, सहायक विस्तार विकास अधिकारी धनेश टेंगवार और लालजीत पैंकरा शामिल किए गए थे।शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि सरपंच,सचिव और रोजगार सहायक ने मिलकर पंचायत में चबूतरा निर्माण व मरम्मत के नाम पर 15 वें वित्त की राशि का फर्जी आहरण किया है।
इसके साथ ही कोविड 19 के नाम पर पंचायत के फंड से साढ़े 3 लाख रूपये का फर्जी आहरण किया। महात्मागांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतगत जाब कार्ड धारी मजदूरों से बिना काम कराएं ही फर्जी मजदूरी भुगतान किया गया। मुरूमी करण के कार्य का बिना मूल्याकंन कराए ही पंचायत के फंड से राशि आहरित किया गया।जांच समिति ने 11 बिंदु के अपने रिपोर्ट में चबूतरा निर्माण के नाम पर सरकारी राशि का दुरूपयोग,कोविड19 के नाम पर व्यय की गई राशि को संदिग्ध माना है।इसके साथ ही मनरेगा में भुगतान किये गए 60248रूपये के भुगतान को नियम के विरूद्ध बताया है। जांच समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम आकांक्षा त्रेपाठी ने सरपंच जयमति पैंकरा को निलंबित करने के साथ ही सचिव घांसीराम पैंकरा के विरूद्धजनपद पंचायत को कार्रवाई का निर्देश दिया है।एसडीएम ने इन सरपंच,सचिव और रोजगार सहायिकासे गबन की गई राशि की वसूली की कार्रवाई करने कानिर्देश भी जनपद पंचायत को दिया है।





